Animal Fodder. चाहे कितना भी बढि़या पशु हो, संतुलित खाना न मिलने से उस की उत्पादन कूवत घट जाती है. बच्चा पैदा करने में कमी आती है और पशु पालन फायदेमंद की जगह नुकसान की वजह बन जाता है. इसलिए जरूरी है कि पशु आहार संतुलित हो.
अनुमान है कि अकेले पौष्टिक संतुलित पशु आहार से दूध उत्पादन में 50 फीसदी से 80 फीसदी तक का इजाफा किया जा सकता है.
यहां हम पशुओं के अच्छे चारेदाने के बारे में बता रहे हैं:
पशु चारा: पशुओं से उत्पादन लेने के लिए एक अच्छे राशन में सभी जरूरी पोषक तत्त्व जैसे प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, खनिज, विटामिन और पानी वगैरह सही मात्रा में होना चाहिए, जिस से पशुओं की सभी जरूरतें उस आहार से पूरी हो जाएं.
चारे को 2 भागों में बांटा जा सकता है:
मोटा चारा
इस में सूखे व हरे चारे आते हैं, जिन को फलीदार और बिना फली वाले चारे में बांटा गया है.
सूखा फलीदार चारा :
यह गेहूं, जौ, जई के भूसे के मुकाबले ज्यादा पौष्टिक व अच्छी क्वालिटी वाला होता है, लेकिन यह कम मिलता है.
इस में मटर, लोबिया, लूर्सन, उड़द व मूंग वगैरह फसलें आती हैं. इन से दाना निकाल कर भूसे की जगह इस्तेमाल करते हैं. इस में प्रोटीन की मात्रा 80 से 100 फीसदी तक पाई जाती है.
बिना फलीदार चारा :
इस में प्रोटीन की मात्रा 2-3 फीसदी होती है. इस में गेहूं, जौ व जई का भूसा आता है. इस में पाचक तत्त्व 45 फीसदी तक होता है.
हरा फलीदार चारा :
इस में लोबिया, बरसीम, लूर्सन, मटर, ग्वार, उड़द व मूंग वगैरह आते हैं. इस में प्रोटीन की मात्रा 7-8 फीसदी तक पाई जाती है.
दाना चारा
दाने के रूप में जौ, मक्का, ज्वार, बाजरा, जई, चोकर वगैरह का इस्तेमाल करते हैं. इस में प्रोटीन की मात्रा 8-10 फीसदी तक व सभी पाचक तत्त्वों की मात्रा 70-75 फीसदी पाई जाती है.
चारे की जरूरत
आमतौर पर गायभैंस को 100 किलो शरीर वजन पर 2-3 किलोग्राम सूखे चारे की जरूरत होती है. कुल सूखे पदार्थ का दोतिहाई भाग सूखे हरे चारे से व बाकी एकतिहाई दाना मिश्रण से देना चाहिए. दिन में 8-10 घंटे के अंतर से 2 बार चारादाना देना चाहिए. हरे चारे की कुट्टी काट कर पशुओं को खिलाना चाहिए. सख्त दाना जैसे मक्का, जौ व चने वगैरह को दर्रे के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए.
सूखे दाने व खली को पशुओं को खिलाने से पहले पानी में भिगो कर फुला लेना चाहिए, ताकि पशु को उसे चबाने व पचाने में आसानी हो. पशुओं को दाना पहले खिलाना चाहिए, इस के बाद हरा व सूखा चारा देना चाहिए.





