Wheat Procurement 2026
गेहूं खरीद में सरकार ने बनाया नया रिकॉर्ड
रबी विपणन सीजन 2026-27 में केंद्र सरकार ने गेहूं खरीद के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है. सरकारी एजेंसियों द्वारा 3.5 करोड़ टन (35 मिलियन टन) से अधिक गेहूं की खरीद की जा चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य से भी अधिक है. यह पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्शाता है.
MSP पर बिक्री के लिए किसानों ने दिखाई रुचि
इस वर्ष बड़ी संख्या में किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी उपज सरकारी खरीद केंद्रों पर बेची. मंडियों में बाजार भाव MSP के आसपास या उससे नीचे रहने के कारण किसानों ने सरकारी खरीद को प्राथमिकता दी, जिससे खरीद में तेज वृद्धि दर्ज की गई.
पंजाब, मध्य प्रदेश और हरियाणा रहे सबसे आगे
सरकारी आंकड़ों के अनुसार गेहूं खरीद में पंजाब, मध्य प्रदेश और हरियाणा का सबसे बड़ा योगदान रहा. मध्य प्रदेश में खरीद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला.
खाद्य सुरक्षा के लिए मजबूत होंगे सरकारी भंडार
रिकॉर्ड स्तर की खरीद से देश के केंद्रीय खाद्यान्न भंडार को मजबूती मिली है।. यह गेहूं सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए उपयोग किया जाएगा. बढ़े हुए भंडार से भविष्य में कीमतों को नियंत्रित रखने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.
गेहूं स्टॉक पांच साल के उच्च स्तर पर
हालिया आंकड़ों के अनुसार सरकारी गोदामों में गेहूं का भंडार पिछले कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है. रिकॉर्ड खरीद और बेहतर उत्पादन के कारण सरकार के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिससे आने वाले समय में बाजार की मांग को संतुलित रखने में सहायता मिलेगी.
किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को होगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि रिकॉर्ड गेहूं खरीद का लाभ किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को मिलेगा. किसानों को MSP का लाभ मिला है, जबकि पर्याप्त सरकारी भंडार होने से भविष्य में आटा और गेहूं की कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी को नियंत्रित किया जा सकेगा.





