Farm N Food कृषि सम्मान अवार्ड 2026: जब खेती में नए प्रयोग करने वाले हाथों को पहचान मिलती है, तो वह सम्मान केवल एक किसान का नहीं, बल्कि पूरे कृषि समुदाय की मेहनत, जिजीविषा और बदलाव की सोच का सम्मान बन जाता है. कुछ ऐसा ही प्रेरणादायक माहौल 30 जून 2026 को लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय हॉल में देखने को मिला, जहां उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसान, कृषि वैज्ञानिक, कृषि पत्रकार, कृषि संस्थाएं और उद्योग जगत के प्रतिनिधि एक ही मंच पर एकत्र हुए. अवसर था फार्म एन फूड कृषि सम्मान अवार्ड 2026 का, जहां खेती को नई दिशा देने वाले प्रयासों को सम्मान और पहचान मिली.
दिल्ली प्रेस के फार्म एन फूड मीडिया द्वारा आयोजित इस समारोह में आधुनिक खेती, प्राकृतिक कृषि, फूड प्रोसेसिंग, कृषि यंत्रीकरण, वैल्यू एडिशन और बेहतर मार्केटिंग मॉडल जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे. कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 45 प्रगतिशील किसानों के साथ-साथ कृषि वैज्ञानिकों, कृषि पत्रकारों, कृषि विज्ञान केंद्रों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किए गए.
कृषि क्षेत्र में नवाचारों को देशभर तक पहुंचाने की जरूरत
कार्यक्रम की शुरुआत दिल्ली प्रेस के कार्यकारी प्रकाशक अनंत नाथ के स्वागत भाषण से हुई. उन्होंने कहा कि, कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और किसानों की सफलता की कहानियों को देशभर तक पहुंचाना आज की आवश्यकता है और फार्म एन फूड मीडिया इसी दिशा में लगातार कार्य कर रहा है.
अल नीनो के प्रभावों पर बोले कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि, बदलते जलवायु परिदृश्य में कृषि क्षेत्र नई चुनौतियों का सामना कर रहा है और किसानों को समय रहते इन परिवर्तनों को समझना होगा. उन्होंने विशेष रूप से अल नीनो (El Niño) के प्रभावों का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके कारण मानसून की अनिश्चितता, कम वर्षा, अधिक तापमान और सूखे जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं, जिनका सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ता है.
उन्होंने किसानों को जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई, मौसम आधारित कृषि सलाह, फसल विविधीकरण और सूखा सहनशील किस्मों को अपनाने की सलाह दी. उनका कहना था कि, बदलती परिस्थितियों में केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि जोखिम को कम करना भी उतना ही आवश्यक है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से सुरक्षित रखने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है.
कृषि मंत्री ने प्रदेश में कृषि यंत्रीकरण, प्राकृतिक खेती, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), फसल विविधीकरण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और पहलों की भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें प्रभावी तरीके से किसानों तक पहुंचाना भी है.
किसानों को योजनाओं की दी गई जानकारी
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने किसानों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और अनुदान कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी.
फार्म एन फूड मीडिया की भविष्य की योजनाओं पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान दिल्ली प्रेस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर शैलेश श्रीवास्तव ने फार्म एन फूड मीडिया की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य किसानों तक कृषि से जुड़ी उपयोगी, व्यावहारिक और आधुनिक जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे नई तकनीकों और बाजार की जरूरतों के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें.
वहीं वरिष्ठ कृषि पत्रकार बृहस्पति कुमार पांडेय ने कृषि पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते समय आने वाली चुनौतियों और जिम्मेदारियों पर अपने विचार साझा किए.
ज्ञानधारा और Andreas STIHL ने दी कृषि तकनीकों की जानकारी
कार्यक्रम में ज्ञानधारा प्राइवेट लिमिटेड के ऑपरेशंस हेड दुर्गेश अवस्थी ने कंपनी की गतिविधियों और उत्पादों की जानकारी दी.
इसी क्रम में Andreas STIHL Pvt. Ltd. की ओर से ईस्ट यूपी सेल्स हेड उदय सिंह ने कंपनी की प्रस्तुति देते हुए कृषि और बागवानी में आधुनिक उपकरणों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि उपकरण समय, श्रम और लागत को कम करने के साथ-साथ किसानों की उत्पादकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
कार्यक्रम में शामिल हुए कृषि क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति
कार्यक्रम में ज्ञानधारा प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ रतन सिंह, Andreas STIHL Pvt. Ltd. के प्रतिनिधि शुभम शर्मा और ब्रजेश कुमार, कंपनी के अधिकृत डीलर संजीव गुप्ता (महेंद्र एसोसिएट्स, लखनऊ) तथा जसमीत जग्गी (एए एंटरप्राइजेज, लखनऊ), डॉ. मनीष सचान, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, उ.प्र., प्रदीप सिंह, सचिव उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग तथा उत्तर प्रदेश एफपीओ एसोसिएशन के अध्यक्ष दया शंकर सिंह सहित कृषि क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.
एसोसिएट स्पॉन्सर
फार्म एन फूड कृषि सम्मान अवार्ड 2026 के आयोजन में एनसीडीसी (NCDC), Andreas STIHL Pvt. Ltd., NCCF तथा ज्ञानधारा प्राइवेट लिमिटेड ने एसोसिएट स्पॉन्सर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
उत्तर प्रदेश के प्रगतिशील किसानों को मिला राज्य स्तरीय सम्मान
कार्यक्रम में खेती-किसानी, कृषि अनुसंधान, कृषि पत्रकारिता, कृषि प्रसार, एफपीओ तथा कृषि संस्थानों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों, वैज्ञानिकों, कृषि पत्रकारों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया गया.
सम्मानित किसानों में चंदौली के चंद्र प्रकाश सिंह एवं मदनजीत कुमार सिंह, हापुड़ के प्रमोद कुमार, जगदीश कुमार और कविता सिरोही, शाहजहांपुर के सरताज खान, बुलंदशहर के राकेश सिरोही एवं हेमलता, जालौन के लक्ष्मी नारायण चतुर्वेदी और ब्रजेश त्रिपाठी, गोंडा के शिव कुमार मौर्य, सीतापुर के मोहित शुक्ला, सिद्धार्थनगर के अनुराग कुमार श्रीवास्तव, गोरखपुर की स्नेहलता शुक्ला तथा गंगाराम चौहान, आजमगढ़ के बंश गोपाल सिंह, अयोध्या के शोभाराम एवं शबीना खातून, संतकबीरनगर के यशोवर्धन, बस्ती के मंगला प्रसाद एवं राम पूरन चौधरी, रायबरेली के आनंद मिश्रा, जौनपुर के इंद्रसेन सिंह, उन्नाव के नीरज सिंह, फतेहपुर के अमरेंद्र प्रताप सिंह तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों के अन्य प्रगतिशील किसान शामिल रहे.
कृषि पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सीतापुर के मोहित शुक्ला, सिद्धार्थनगर के अनुराग कुमार श्रीवास्तव तथा गोरखपुर की स्नेहलता शुक्ला को सम्मानित किया गया.
इसके अतिरिक्त कृषि अनुसंधान एवं कृषि प्रसार सेवाओं में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशेषज्ञों और संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया. कृषि विज्ञान केंद्र, बाबूगढ़ (हापुड़) एवं कृषि विज्ञान केंद्र, लेदौरा (आजमगढ़) को उत्कृष्ट कृषि विज्ञान केंद्र पुरस्कार प्रदान किया गया. वहीं नाथनगर एग्रीटेक्नो फेड फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी (संतकबीरनगर), दुबौली माँ भूमि एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (गोरखपुर) तथा आरंभशील एफपीओ (हापुड़) को उत्कृष्ट किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के रूप में सम्मानित किया गया.
कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. विनीता सिंह, डॉ. आकांक्षा सिंह, डॉ. प्रेम शंकर, डॉ. राहुल कुमार सिंह, डॉ. देवेश कुमार, डॉ. जय कुमार यादव, डॉ. मोहम्मद आवेश, डॉ. पल्लवी श्रीवास्तव तथा डॉ. अतुल यादव को विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट शोध एवं युवा शोधकर्ता पुरस्कार प्रदान किए गए. इसके साथ ही अरविंद कुमार सिंह (बस्ती) को कृषि पर्यटन (एग्री टूरिज्म) के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया.
पुरस्कार प्राप्त करने वाले किसानों के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था. कई किसानों के लिए यह सम्मान वर्षों की मेहनत, प्रयोगों और संघर्षों की सार्वजनिक पहचान था.
कार्यक्रम का संचालन श्रुति जोशी, प्रोडक्ट हेड, फार्म एन फूड मीडिया, दिल्ली प्रेस द्वारा किया गया, जबकि अंत में फार्म एन फूड के एग्रो एडिटर भानु प्रकाश राणा ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया.
कृषि को लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय बनाने की दिशा में बढ़ते कदम
लखनऊ में आयोजित यह समारोह केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह इस बात का संदेश भी बनकर उभरा कि भारतीय कृषि तेजी से बदल रही है. आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती, वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग और बेहतर मार्केटिंग के माध्यम से किसान खेती को लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय में बदल रहे हैं. ऐसे सम्मान न केवल किसानों का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि हजारों अन्य किसानों को भी नवाचार और नई सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं.





