Scheme 2026 –
मध्य प्रदेश के पशुपालकों के लिए यह योजना बड़े काम की है. 5 या उस से अधिक दुधारू पशुओं से शुरू कर सकते हैं आप डेयरी का काम.
आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना
अगर आप मध्य प्रदेश में डेयरी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, लेकिन पूंजी की कमी आड़े आ रही है, तो आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना आप के लिए उपयोगी हो सकती है. मध्य प्रदेश पशुपालन और डेयरी विभाग की इस योजना का उद्देश्य दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ पशुपालकों की आय और रोजगार के अवसर बढ़ाना है. योजना के तहत 5 या उस से अधिक दुधारू पशुओं की डेयरी परियोजना स्वीकृत कराई जा सकती है और परियोजना की अधिकतम लागत 10 लाख रुपए निर्धारित है.
10 लाख की परियोजना पर कितना बैंक लोन?
योजना में परियोजना लागत का 75 प्रतिशत हिस्सा बैंक ऋण के माध्यम से जुटाया जाता है. उदाहरण के लिए, यदि डेयरी परियोजना की लागत 10 लाख रुपए है तो इस के 75 प्रतिशत यानी 7.50 लाख रुपए तक बैंक ऋण हो सकता है. बाकी 2.50 लाख रुपए की व्यवस्था आप को खुद से करनी होगी. 10 लाख रुपए तक की परियोजना लागत पर 75 प्रतिशत तक बैंक ऋण मिल सकता है.
ब्याज में भी मिलती है राहत
डेयरी शुरू करने वाले किसान को बैंक ऋण के ब्याज में भी सहायता मिलती है. विभाग द्वारा 7 वर्ष तक 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से ब्याज चुकाई जाती है. इस की अधिकतम सीमा 25 हजार रुपए प्रतिवर्ष है. योजना के नियम के अनुसार ब्याज की गणना इकाई लागत के 75 प्रतिशत या हितग्राही द्वारा वास्तव में लिए गए बैंक ऋण, इन में जो कम हो, उस पर की जाती है.
सामान्य वर्ग को 1.50 लाख तक मार्जिन मनी
योजना में मार्जिन मनी सहायता का भी प्रावधान है. सामान्य वर्ग के लाभार्थी किसान को परियोजना लागत का 25 प्रतिशत या अधिकतम 1.50 लाख रुपए, जो भी निर्धारित सीमा के अनुसार लागू हो, मार्जिन मनी सहायता मिल सकती है.
वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों के लिए परियोजना लागत का 33 प्रतिशत या अधिकतम 2 लाख रुपए तक मार्जिन मनी सहायता का प्रावधान है.
5 पशुओं से शुरू हो सकती है डेयरी योजना
इस योजना के तहत पशुपालक न्यूनतम 5 या उस से अधिक पशुओं की डेयरी इकाई के लिए परियोजना स्वीकृत करा सकता है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार 5 पशुओं के लिए हितग्राही के पास कम से कम 1 एकड़ कृषि भूमि होना आवश्यक है. पशुओं की संख्या बढ़ने पर कृषि भूमि की न्यूनतम आवश्यकता भी आनुपातिक रूप से बढ़ाई जाती है. योजना में मिल्क रूट के क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने का भी उल्लेख है.
किन लोगों को मिल सकता है लाभ
आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना सभी वर्गों के सीमांत एवं लघु किसानों के लिए है. मध्य प्रदेश सरकार की यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए लागू है.
आवेदन कैसे करें
इस योजना में लाभ लेने की प्रक्रिया आधिकारिक जानकारी के अनुसार हितग्राहियों का चयन/अनुमोदन ग्राम सभा के सहयोग से होता है. इस के बाद प्रस्तावित हितग्राहियों का जनपद पंचायत स्तर पर अनुमोदन कराया जाता है. अनुमोदन के बाद जिले का पशुपालन विभाग प्रकरण को बैंक की ऋण स्वीकृति के लिए भेजता है.
योजना के संबंध में आवेदन प्रक्रिया और स्थानीय स्तर की आवश्यकताओं की जानकारी के लिए किसान अपने जिले के निकटतम पशु चिकित्सा अधिकारी, पशु औषधालय के प्रभारी या उपसंचालक पशुपालन विभाग से संपर्क कर सकते हैं.
10 लाख की परियोजना को समझें
अगर किसी किसान की डेयरी परियोजना की लागत 10 लाख रुपए तय होती है, तो सामान्य गणना के अनुसार :
परियोजना लागत : 10 लाख रुपए
75 प्रतिशत बैंक ऋण: 7.50 लाख रुपए तक.
शेष राशि : 2.50 लाख रुपए होती है.
#सामान्य वर्ग के लिए मार्जिन मनी : अधिकतम 1.50 लाख रुपए.
#एससीएसटी के लिए मार्जिन मनी : अधिकतम 2 लाख रुपए.
ब्याज सहायता : 5 प्रतिशत वार्षिक, अधिकतम 25 हजार रुपए प्रतिवर्ष.
ब्याज सहायता की अवधि : अधिकतम 7 वर्ष.
डेयरी शुरू करने वालों के लिए क्यों खास है योजना
डेयरी व्यवसाय में सब से बड़ी चुनौती पशु खरीद, शेड, उपकरण और शुरुआती संचालन के लिए पूंजी जुटाना होती है. आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना में परियोजना लागत का बड़ा हिस्सा बैंक ऋण से जुटाने और ब्याज में सहायता देने का प्रावधान है. इस से पात्र किसान को शुरुआती पूंजी के साथ डेयरी व्यवसाय शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ने में सहायक होती है.
योजना के लिए आवेदन करने से पहले अपने जिले के पशुपालन विभाग से वर्तमान प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी जरूर लें, जिस से वर्तमान में चल रही सही जानकारी भी मिल सके. Scheme 2026





