देश की आजादी के 80वें वर्ष के अवसर पर क्रॉपलाइफ इंडिया ने अवैध और नकली कीटनाशकों (Pesticides) के खिलाफ डिजिटल जागरूकता अभियान शुरू किया है. इस अभियान का मुख्य संदेश है ‘जागरूक किसान बनें, असली कीटनाशक चुनें’.
इस अभियान की शुरुआत केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर ने की. यह अभियान बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात में चलाया जाएगा. इस के जरीए 25 लाख से अधिक किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है. किसानों को जागरूक करने के लिए संदेश हिंदी, तेलुगु, मराठी, तमिल और पंजाबी भाषाओं में दिए जाएंगे.
नकली कीटनाशकों से सावधान रहें
कीटनाशक फसलों को कीट और रोगों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन अगर किसान नकली या अवैध उत्पाद खरीद लेते हैं, तो फसल को नुकसान होने के साथ उन का पैसा भी बरबाद हो सकता है, इसलिए किसानों को केवल गुणवत्ता वाले और असली कीटनाशक ही खरीदने के लिए जागरूक किया जाएगा.
अभियान के तहत किसानों को सलाह दी जाएगी कि वे कीटनाशक हमेशा अधिकृत और भरोसेमंद विक्रेता से खरीदें. हर खरीद पर बिल या इनवौयस जरूर लें, ताकि उत्पाद की खरीद का प्रमाण उन के पास रहे.
लेबल पढ़ कर ही करें इस्तेमाल
किसानों को कीटनाशक (Pesticides) खरीदने और इस्तेमाल करने से पहले उस के लेबल पर दी गई जानकारी पढ़ने के लिए कहा जाएगा. फसल, कीट, मात्रा और इस्तेमाल की विधि से जुड़ी निर्माता की निर्धारित सलाह का पालन करना जरूरी है.
कीटनाशक का इस्तेमाल सही उत्पाद, सही मात्रा और सही समय पर किया जाना चाहिए. छिड़काव के दौरान जरूरी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण का इस्तेमाल भी किया जाना चाहिए. किसी तरह की शंका होने पर किसान कृषि विशेषज्ञ या योग्य कृषि सलाहकार से जानकारी ले सकते हैं.
कृषि मंत्री ने सामूहिक प्रयास पर दिया जोर
अभियान की शुरुआत करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि किसानों को असली कृषि उत्पादों की पहचान और उनके सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी देना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि अवैध कीटनाशकों के खिलाफ लड़ाई केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है. इस में किसान, निर्माता, विक्रेता, वैज्ञानिक और सरकारी एजेंसियों सहित सभी पक्षों को मिल कर काम करना होगा.
उन्होंने क्रॉपलाइफ इंडिया के 13 राज्यों में शुरू किए गए इस बहुभाषी डिजिटल अभियान की सराहना की और अधिक से अधिक किसानों तक सही जानकारी पहुंचाने की अपील की.
हर खरीद पर बिल लेने की अपील
क्रॉपलाइफ इंडिया के महासचिव दुर्गेश चंद्र ने कहा कि जागरूक किसान ही अपनी फसल को बेहतर तरीके से सुरक्षित कर सकता है. उन्होंने बताया कि अभियान के जरीए 25 लाख से अधिक किसानों तक असली कीटनाशक चुनने, हर खरीद पर बिल लेने और सुरक्षित तरीके से कीटनाशकों के इस्तेमाल की जानकारी पहुंचाने का लक्ष्य है.
सुरक्षित खेती के लिए किसानों की भागीदारी जरूरी
क्रॉपलाइफ इंडिया ने किसानों, कृषि इनपुट विक्रेताओं, कंपनियों, वैज्ञानिकों और सरकारी एजेंसियों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की है. संस्था का संदेश है कि अवैध कीटनाशकों को न कहें, सुरक्षित कृषि अपनाएं और समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान दें.
क्रॉपलाइफ इंडिया के अनुसार, संस्था टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है और इस में फसल सुरक्षा क्षेत्र की 17 शोध एवं विकास आधारित सदस्य कंपनियां शामिल हैं.





