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चावल, गेहूं और मक्का का उत्पादन बढ़ा, गन्ना, मूंगफली और सरसों ने भी दिखाया दम. जी हाँ,
देश की खेती से अच्छी खबर सामने आई है. वर्ष 2025-26 के तीसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक, देश में कुल खाद्यान्न उत्पादन 3765.63 लाख टन रहने का अनुमान है. यह पिछले साल के 3577.32 लाख टन से करीब 188 लाख टन ज्यादा है. यानी खाद्यान्न उत्पादन में करीब 5.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. सरकार के मुताबिक, यह देश में अब तक का सबसे ज्यादा खाद्यान्न उत्पादन है.
केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों को दी बधाई
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की मेहनत, वैज्ञानिकों के शोध और खेती में नई तकनीकों के इस्तेमाल से उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली है. जिससे हम इस ऊंचाई पर पहुंचे हैं.
चावल और गेहूं का भी रिकॉर्ड उत्पादन
देश में चावल का उत्पादन इस साल 1540.24 लाख टन रहने का अनुमान है. पिछले साल यह 1501.84 लाख टन था. इस तरह चावल उत्पादन में करीब 38.40 लाख टन की बढ़ोतरी हुई है.
गेहूं का उत्पादन भी बढ़ा है. इस साल 1206.57 लाख टन गेहूं पैदा होने का अनुमान है, जबकि 2024-25 में इसका उत्पादन 1179.45 लाख टन था. यानी गेहूं उत्पादन में करीब 27.12 लाख टन की बढ़ोतरी हुई है.
मक्का उत्पादन ने भी बनाया रिकार्ड
मक्का ने इस साल खास तौर पर बेहतर प्रदर्शन किया है. इसका उत्पादन 550.93 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 434.09 लाख टन से 116.84 लाख टन अधिक है. मक्का उत्पादन का यह अब तक का रिकॉर्ड स्तर है.
दलहन में चने का प्रदर्शन बेहतर
दलहन उत्पादन में भी कई फसलों ने अच्छा प्रदर्शन किया है. इस साल चने का उत्पादन 125.14 लाख टन रहने का अनुमान है. पिछले साल यह 111.14 लाख टन था. यानी चने के उत्पादन में करीब 14 लाख टन की बढ़ोतरी हुई है.
इसके अलावा अन्य दलहनी फसल तुअर का उत्पादन 35.92 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 36.24 लाख टन के लगभग बराबर है.
मसूर का उत्पादन 17.62 लाख टन रहने का अनुमान लगाया गया है.
मूंगफली और सरसों ने भी दिखाया दम
तिलहन में मूंगफली और सरसों ने बढ़ाया उत्पादन
तिलहन फसलों का कुल उत्पादन इस साल 430.59 लाख टन रहने का अनुमान है. इसमें मूंगफली और सरसों का प्रदर्शन खास रहा है.
मूंगफली का उत्पादन 130.74 लाख टन रहने का अनुमान है. पिछले साल यह 119.42 लाख टन था. इस तरह उत्पादन में 11.32 लाख टन की बढ़ोतरी हुई है.
इसी तरह रेपसीड और सरसों का उत्पादन 137.68 लाख टन रहने का अनुमान है. पिछले साल इसका उत्पादन 126.67 लाख टन था. यानी इसमें 11.01 लाख टन की बढ़ोतरी हुई है.
इसके अलावा सोयाबीन का उत्पादन इस साल 125.96 लाख टन रहने का अनुमान है.
गन्ने ने छुई ऊंचाई
गन्ना किसानों के लिए भी यह अनुमान उत्साह बढ़ाने वाला है. इस साल देश में गन्ने का उत्पादन 5000.63 लाख टन रहने का अनुमान है. पिछले साल 4546.11 लाख टन गन्ने का उत्पादन हुआ था. यानी इस साल करीब 454.52 लाख टन ज्यादा गन्ना पैदा होने का अनुमान है.
कपास में भी आई गरमी
कपास का उत्पादन 290.24 लाख गांठ और जूट का उत्पादन 91.76 लाख गांठ रहने का अनुमान है.
कृषि उत्पादन बढ़ाने में किसानों के साथ कृषि वैज्ञानिकों और अनुसंधान संस्थानों की भी अहम भूमिका रही है. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और उसके संस्थानों ने किसानों के लिए बेहतर और मौसम के अनुकूल फसल किस्मों तथा नई खेती तकनीकों पर काम किया है.
ICAR ने जारी की सैकड़ों फसल किस्में
वर्ष 2025-26 में ICAR ने अलग-अलग कृषि-जलवायु क्षेत्रों के लिए 339 नई फसल किस्में जारी कीं. इनमें अनाज, दलहन, तिलहन, वाणिज्यिक और चारा फसलें शामिल हैं.
वैज्ञानिकों की सलाह और किसानों की मेहनत रंग लाई
बारिश पर आधारित खेती की तकनीक, जलवायु के अनुकूल किस्में, मिट्टी और पानी का बेहतर प्रबंधन तथा वैज्ञानिक सलाह को किसानों तक पहुंचाने से भी उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली है.
किसानों की मेहनत सबसे बड़ी ताकत
तीसरे अग्रिम अनुमान के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय खेती लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है. चावल, गेहूं और मक्का जैसे प्रमुख अनाजों के साथ चना, मूंगफली, सरसों और गन्ने का बेहतर उत्पादन किसानों के लिए अच्छी खबर है. खेती में नई तकनीक और वैज्ञानिक सलाह का इस्तेमाल बढ़ने से आने वाले समय में उत्पादन और बढ़ने की उम्मीद है. New Agriculture Record





