एस्कॉर्ट्स कुबोटा का नया Electric Tractor बाजार में आने को है तैयार, लेकिन करीब साढ़े 12 लाख रुपए की कीमत बनी बड़ी चुनौती.
खेती में डीजल का खर्च कम करने और प्रदूषण घटाने की दिशा में इलैक्ट्रिक ट्रैक्टर बड़ी उम्मीद बन कर सामने आ रहे हैं. अब एस्कौर्ट्स कुबोटा ने 35 एचपी का इलैक्ट्रिक ट्रैक्टर तैयार कर लिया है. अब इसे बड़े स्तर पर बाजार में उतारने से पहले कंपनी सरकार की ओर से सब्सिडी या दूसरे प्रोत्साहन का इंतजार कर रही है.
कंपनी के ईवी सिस्टम इंजीनियरिंग प्रमुख और महाप्रबंधक जयगोपाल एस. ने दिल्ली में आयोजित इंडिया क्लीन ट्रांसपोर्टेशन समिट में बताया कि अब ट्रैक्टर को बाजार में उतारने का फैसला प्रबंधन के स्तर पर होना है. कंपनी का मानना है कि सरकारी सहायता मिलने पर इस की कीमत किसानों के लिए ज्यादा व्यावहारिक बनाई जा सकती है.
25 एचपी के बाद 35 एचपी मौडल
एस्कौर्ट्स कुबोटा पहले से अमेरिका में शौकिया किसानों के लिए 25 एचपी का इलैक्ट्रिक ट्रैक्टर बेच रही है. शुरुआती ग्राहकों से मिले अनुभव और फीडबैक के आधार पर कंपनी ने अब ज्यादा क्षमता वाली बैटरी के साथ 35 एचपी का नया मौडल तैयार किया है. खास बात यह है कि दोनों मौडलों को सामान्य थ्रीफेज बिजली कनैक्शन से चार्ज किया जा सकता है यानी इन के लिए अलग से बहुत बड़ा चार्जिंग नैटवर्क खड़ा करने की जरूरत नहीं होगी. इस से खेतों में इलैक्ट्रिक ट्रैक्टर को अपनाना आसान हो सकता है.
कीमत बनी चुनौती
इलैक्ट्रिक ट्रैक्टर के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस की शुरुआती कीमत है. कंपनी के अनुसार, करीब 35 एचपी का डीजल ट्रैक्टर लगभग 5 लाख रुपए में मिल सकता है, जबकि इसी श्रेणी के इलैक्ट्रिक ट्रैक्टर की कीमत तकरीबन साढ़े 12 लाख रुपए बैठती है यानी शुरुआती कीमत लगभग ढाई गुना ज्यादा है.
यही वजह है कि कंपनी सरकार से सब्सिडी और दूसरे प्रोत्साहन की मांग कर रही है. कंपनी के अनुसार, जो किसान ट्रैक्टर का रोजाना करीब 8 घंटे या उस से ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, उन के लिए बिजली से चलने वाला ट्रैक्टर लंबे समय में ईंधन और संचालन खर्च में बचत दे सकता है. कंपनी का दावा है कि करीब 3 साल के बाद इस की अतिरिक्त लागत की भरपाई होने लग सकती है.
चार्जिंग में लगता है कम समय
कंपनी के अनुसार, एक सामान्य बैटरी पैक का वजन करीब 250 किलो हो सकता है. इतनी भारी बैटरी को खेत में निकाल कर दूसरी बैटरी लगाना आसान नहीं है. कंपनी का कहना है कि ज्यादातर ट्रैक्टर रोजाना 10 घंटे से कम चलते हैं, इसलिए काम खत्म होने के बाद रात में बैटरी चार्ज की जा सकती है. जहां डीसी फास्ट चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध हो, वहां बैटरी को खाली से पूरी तरह चार्ज करने में करीब एक घंटे का समय लग सकता है.
पुराने डीलरों पर भरोसा
इलैक्ट्रिक ट्रैक्टरों के लिए कंपनी को अलग डीलर नैटवर्क बनाने की जरूरत नहीं होगी. मौजूदा डीलर ही इन्हें बेच सकेंगे. हालांकि, इलैक्ट्रिक ट्रैक्टर की मरम्मत और सर्विस के लिए कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रशिक्षण देना होगा.
महिलाओं के नाम पर अधिक लाभ
एस्कौर्ट्स कुबोटा ने सरकार से इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों के लिए अलग सब्सिडी योजना शुरू करने की मांग की है. कंपनी चाहती है कि इलैक्ट्रिक ट्रैक्टर खरीदने वालों को सस्ती ब्याज दर पर कर्ज के साथ अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिले. कंपनी ने यह सुझाव भी दिया है कि यदि इलैक्ट्रिक ट्रैक्टर किसी महिला के नाम पर पंजीकृत होता है तो उसे अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा सकता है.
किसानों को कब तक करना होगा इंतजार
एस्कौर्ट्स कुबोटा का 35 एचपी इलैक्ट्रिक ट्रैक्टर तकनीकी तौर पर बाजार के लिए लगभग तैयार है. अब असली सवाल इस की कीमत और लौन्च का है. अगर सरकार इलैक्ट्रिक ट्रैक्टरों के लिए सब्सिडी, सस्ता कर्ज और अन्य प्रोत्साहन देती है, तो इस की शुरुआती कीमत कम हो सकती है और किसानों के लिए इलैक्ट्रिक ट्रैक्टर खरीदना ज्यादा आसान हो सकता है
यानी ट्रैक्टर तैयार है, तकनीक तैयार है, लेकिन किसान तक पहुंचने के रास्ते में अभी कीमत सब से बड़ी बाधा बनी हुई है. Electric Tractor





