किसानों के लिए खेती के काम को आसान बनाने का मौका है. जिन छोटे और ढलान वाले खेतों में ट्रैक्टर पहुंचना मुश्किल होता है, वहां पावर टिलर (Power Tiller), पावर वीडर और दूसरी छोटी कृषि मशीनें काफी उपयोगी साबित होती हैं.
मिल रही सब्सिडी, मौका न चूकें किसान
कृषि विभाग कृषि अभियांत्रिकी उप मिशन (SMAM) के तहत अनुदान पर कृषि यंत्र देने के लिए डीबीटी पोर्टल खुल चुका है. साल 2026-27 के लिए हिमाचल प्रदेश के किसानों को 50 फीसदी सब्सिडी पर पावर टिलर-वीडर मिल सकें, इसके लिए 22 सितंबर से आवेदन शुरू हो चुके हैं. आवेदन की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 है. इसके बाद 1 अक्टूबर 2026 को लॉटरी के जरिए पात्र किसानों का चयन किया जाएगा.
पहाड़ी खेतों के लिए क्यों उपयोगी हैं ये मशीनें?
हिमाचल प्रदेश में बड़ी मात्रा में खेत छोटे और ढलान वाले हैं. ऐसे खेतों में बड़े ट्रैक्टर चलाना आसान नहीं होता. पावर टिलर जैसी हल्की मशीनें छोटे खेतों में जुताई और दूसरे कृषि कार्यों के लिए उपयोगी हो सकती हैं.
इन कृषि यंत्रों पर मिल रहा अनुदान
योजना के तहत पावर टिलर, पावर वीडर, ब्रश कटर, चेन सॉ, रोटावेटर और चाफ कटर जैसे कृषि यंत्र शामिल हैं. इन मशीनों से खेती के काम में लगने वाला समय और मेहनत कम करने में मदद मिल सकती है.
50% तक मिल सकती है सब्सिडी
विभाग के अनुसार, लघु, सीमांत, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला किसानों को कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा.
मशीन खरीदते समय रखें ध्यान
लॉटरी में चयन होने के बाद किसान केवल भारत सरकार से पंजीकृत फर्म और स्वीकृत मॉडल से ही कृषि यंत्र खरीदें. गैर-पंजीकृत फर्म या स्वीकृत मॉडल के अलावा मशीन खरीदने पर अनुदान का लाभ नहीं मिलता.
पोर्टल: agrimachinery.nic.in पर आवेदन 30 सितंबर 2026 तक अवश्य करें.





