El Nino 2026 –

खरीफ की फसल के बाद अब किसान रबी की बुवाई की तैयारी में जुट रहे हैं. ऐसे समय में मौसम से जुड़े संकेतों पर नजर रखना जरूरी है. विश्व मौसम संगठन (WMO) के मौसमी आकलन में अक्टूबर से दिसंबर 2026 के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई गई है. यदि बारिश कम होती है, तो कुछ इलाकों में खेतों की नमी और सिंचाई की उपलब्धता रबी की फसलों के लिए अहम मुद्दा बन सकती है.

यह अनुमान हर राज्य और जिले में एक जैसी स्थिति होने का संकेत नहीं है. इसलिए किसानों को बुवाई से पहले अपने क्षेत्र के मौसम पूर्वानुमान और कृषि सलाह को ध्यान में रखना चाहिए.

रबी की खेती में क्यों जरूरी है पानी की योजना?

गेहूं, चना, सरसों और दूसरी रबी फसलों की शुरुआती बढ़वार के लिए मिट्टी में पर्याप्त नमी होना जरूरी है. जिन क्षेत्रों में बारिश कम होती है या सिंचाई के साधन सीमित हैं, वहां बुवाई का समय और उपलब्ध पानी का सही इस्तेमाल फसल की लागत तथा पैदावार पर असर डाल सकता है.
ऐसे में किसान खेत की मौजूदा नमी देखकर बुवाई की योजना बनाएं. जहां सिंचाई की सुविधा है, वहां पानी का इस्तेमाल फसल की जरूरत के अनुसार करें. बिना जरूरत ज्यादा सिंचाई करने से पानी और बिजली दोनों की बर्बादी हो सकती है.

अल नीनो क्या है और मौसम पर इसका क्या असर पड़ सकता है?

अल नीनो प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से बढ़ने से जुड़ी जलवायु स्थिति है. इससे दुनिया के कई क्षेत्रों में हवा, तापमान और बारिश के सामान्य पैटर्न में बदलाव हो सकता है.

WMO के अनुसार, 2026 के आखिरी महीनों में अल नीनो की स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं. संगठन ने अक्टूबर-दिसंबर के लिए भारतीय उपमहाद्वीप में अपेक्षाकृत शुष्क परिस्थितियों का संकेत दिया है. हालांकि, किसी खास जिले में कितनी बारिश होगी, यह स्थानीय मौसम प्रणालियों और दूसरे कारकों पर भी निर्भर करेगा.

किसानों को अभी किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?

1. स्थानीय मौसम अपडेट देखें

बुवाई का फैसला लेने से पहले IMD और कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) की सलाह देखें. पूरे देश के अनुमान को अपने खेत की स्थिति पर सीधे लागू न करें.

2. मिट्टी की नमी जांचें

खेत में पर्याप्त नमी होने पर ही स्थानीय परिस्थितियों और फसल की उपयुक्तता के अनुसार बुवाई करें.

3. पानी बचाने की तैयारी करें

उपलब्ध सिंचाई पानी का हिसाब रखें. जहां संभव हो, खेत को समतल रखें और पानी के अनावश्यक बहाव को रोकें.

4. फसल और किस्म का चयन सोच-समझकर करें

अपने क्षेत्र की जलवायु, मिट्टी, सिंचाई सुविधा और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर फसल तथा किस्म चुनें.

5. खेती का खर्च नियंत्रित रखें

बीज, खाद और सिंचाई पर खर्च की योजना बनाएं. केवल मौसम की आशंका के आधार पर जल्दबाजी में फसल बदलने के बजाय स्थानीय कृषि सलाह को प्राथमिकता दें.

मौसम के संकेतों को समझकर लें फैसला

अल नीनो के संकेत रबी सीजन में मौसम पर नजर रखने की जरूरत जरूर बढ़ाते हैं, लेकिन कम बारिश होना अभी हर इलाके के लिए तय नहीं है. किसानों के लिए सबसे उपयोगी कदम यही है कि वे अपने क्षेत्र का पूर्वानुमान देखें, मिट्टी की नमी का आकलन करें और पानी की उपलब्धता के हिसाब से बुवाई व सिंचाई की योजना बनाएं. सही समय पर लिया गया फैसला मौसम के जोखिम को संभालने में मदद कर सकता है. El Nino 2026

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