Meat Employment : यदि आप मुरगीपालन का काम मांस के रूप में करना चाहते हैं तो आप को ब्रायलर मुरगियों को पालना होगा. ब्रायलर मुरगियां मांस के लिए जल्दी तैयार हो जाती हैं. यह कम समय में ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने का व्यवसाय है.
ब्रायलर कुक्कुट (मुरगी) जाति के नर व मादा पक्षी हैं, जिन का शारीरिक वजन 6 हफ्ते की आयु पर 2 किलोग्राम के आसपास हो जाता है और उन को मांस के लिए बेच दिया जाता है. ब्रायलर मुरगियों की अनेक नस्लें होती हैं. इस के लिए सही चूजे का चयन करें.

अच्छी किस्म के चूजे :
मुरगीपालकों को एक दिन की आयु के चूजे ही खरीदने चाहिए. एक दिन की उम्र के चूजे का वजन आमतौर पर 32 से 40 ग्राम तक होता है. चूजे किसी मान्यताप्राप्त हैचरी से ही खरीदें. अगर चूजों की किस्म घटिया होगी तो वह ज्यादा दाना खा कर भी ज्यादा समय में उतना भार हासिल नहीं कर सकेगी जितना कि एक अच्छी किस्म के चूजे कम समय में और कम दाना खा कर हासिल कर लेते हैं.
ब्रायलरों का सही पालन :
ब्रायलर पालन के लिए सब से अच्छी तकनीक है एकसाथ अंदर और एकसाथ बाहर यानी ‘आल इन आल आउट’ सिस्टम जिस के तहत एक दिन की आयु से शुरू कर के उन्हें 2 किलोग्राम के पूरे ब्रायलरों में विकसित कर एकसाथ बिक्री के लिए 6 हफ्ते की उम्र पर बाजार में बेचा जाता है. जिस के बाद सफाई व नई खेप के लिए ब्रायलर घर को तैयार करने का समय मिल जाता है.
मुरगीपालक को हैचरी से चूजे खरीदने का समयबद्ध प्रोग्राम इस तरह तय करना चाहिए कि जिस से वह हर हफ्ते, 10वें या 15वें दिन या एक महीने के अंतराल पर ब्रायलर खरीद व बेच सकें. ऐसे उत्पादन चक्र में सही प्रबंधन और सही बाजार व्यवस्था का होना जरूरी है. ब्रायलरों के पालने के लिए सही जगह, आहार और प्रबंधन वगैरह की व्यवस्था करनी चाहिए. इस के लिए पहले जरूरी जानकारी अवश्य ले लें.
ब्रायलर पालने में जरूरी हिदायतें :
चूजे हमेशा विश्वसनीय हैचरी से ही खरीदें. चूजों को शुरू से पहले हफ्ते ब्रूडर के नीचे 95 डिगरी फारनेनहाइट तापमान दें. उस के बाद हर हफ्ते 5 डिगरी फारेनहाइट तापमान कम करते रहें. चूजों को हर रोज साढ़े 23 घंटे रोशनी और आधा घंटा अंधेरा करना चाहिए ताकि चूजे अंधेरा होने पर भी न डरें. ताजा व साफ पानी और संतुलित आहार का हर समय इंतजाम करें. उम्र के मुताबिक मुरगीघर में निर्धारित स्थान दें. (0-3 हफ्ते तक आधा वर्गफुट और फिर 1 वर्गफुट प्रति ब्रायलर). ब्रायलर फार्मिंग में
3 तरह के दाने की जरूरत होती है. यह दाना ब्रायलर चूजों की उम्र और वजन के मुताबिक दिया जाता है. प्री स्टार्टर (0-7 दिन), स्टार्टर (8-21 दिन) और फिनिशर (22 दिन से मुरर्गो की बिक्री तक).
फार्म के लिए जगह का चयन :
जगह समतल और ऊंचाई पर हो, जिस से बारिश का पानी फार्म में जमा न हो सके. बिजली, पानी वगैरह की अच्छी सुविधा हो. चूजे, दाना, दवाएं खरीदने और ब्रायलर बेचने के लिए बाजार मौजूद हो. फार्म मुख्य सड़क से ज्यादा दूर न हो जिस से लोगों का और वाहन का आनाजाना सही रूप से हो सके. फार्म हमेशा पूर्वपश्चिम दिशा में होना चाहिए.





