Goat Farming : कम आय वर्ग के लोग आमदनी बढ़ाने के लिए बकरीपालन का काम भी करते हैं, जो एक मुनाफा देने वाला रोजगार है, लेकिन कई बार उनके टीकाकरण में लापरवाही बरतने लगते हैं, जिससे फायदे का कारोबार घाटे का रोजगार साबित होता है. इसके लिए जरूरी है कि लोग समय पर टीकाकरण करवाएं.

थोड़ी लापरवाही, बड़ा नुकसान

अगर कोई बकरीपालन (Goat Farming) कर रहा है, तो उसे सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि अगर थोड़ी सी भी लापरवाही बकरियों के रखरखाव और उनके टीकाकरण को लेकर के हुई तो सारी की सारी बकरियां मर सकती हैं. इस वजह से लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि पशुओं में बीमारी एक-दूसरे में बड़ी तेजी से फैलती है.

बकरियों में प्लेग, समय पर टीकाकरण जरूरी

बकरीपालन (Goat Farming) में लोगों को अच्छा मुनाफा होता है और अनेक परिवार छोटी-छोटी जगहों पर लोग बकरीपालन करते हैं. बकरी का दूध और उनके बच्चों को बेचकर लोग अच्छा मुनाफा कमाते हैं. खासकर मलेरिया, डेंगू होने के समय बकरी के दूध की मांग काफी बढ़ जाती है और ऐसे समय में महंगे दामों पर भी दूध बिकता है.

हाल ही में संदीप कुमार, केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मथुरा ने बताया कि इन दिनों बकरियां में प्लेग नामक बीमारी काफी देखने के लिए मिल रही है, जिसके लिए जरूरी है कि लोग समय पर टीकाकरण करवाएं.

क्यों लगवाना जरूरी है टीका?

-बकरी प्लेग हर 3 साल पर बकरियां में फैल जाता है.

-समय पर अगर पीपीआर का टीका नहीं लगवाया गया तो सारी की सारी बकरियां मर सकती हैं.

-यह रोग एक बकरी से दूसरी बकरी में फैल जाता है, इसलिए इसका टीका लगवाना जरूरी है.

-टीके की कीमत प्रति बकरी सिर्फ 5 रुपए होती है.

-इसके अलावा जब बकरियों में बीमारी तब फैलती है जब बकरियों के खाने-पीने में बदलाव किया जाता है.

कौन सा टीकाकरण कब करवाएं

–पीपीआर (बकरी प्लेग)- 3-4 महीने की उम्र में (जीवन में एक बार या 3 साल में पुनरावृत्ति).

– एफएमडी (खुरपका/मुंहपका)- 4 महीने से ऊपर. हर 6 महीने में (फरवरी-मार्च और सितंबर-अक्तूबर).

– ईटी (एंटरोटॉक्सिमिया/घेंघा रोग)- 3-4 महीने से ऊपर हर 6 महीने में (बारिश से पहले सबसे जरूरी).

– टीटी (टिटनेस-धनुस्तंभ)- 3-4 महीने की उम्र में फिर प्रतिवर्ष.

– बकरी चेचक- 3-4 महीने से ऊपर, हर साल.

पशु विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपने समय पर सभी बकरियों को इतने टीके लगवाए हैं, तो आपकी बकरी हमेशा सुरक्षित रहेगी और सेहतमंद रहेगी और बेहतर दूध उत्पादन के साथ आपको मुनाफा देने का काम करेगी.

अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें...