पशुपालन में कमाई का अच्छा विकल्प बन सकता है सूअरपालन (Pig Farming). यूनियन बैंक औफ इंडिया की योजना के तहत पात्र लोगों को मिल सकती है आर्थिक मदद. जानें कितनी रकम का लोन मिलेगा, कौन कर सकता है आवेदन और किन दस्तावेजों की होगी जरूरत.
सूअरपालन है मुनाफे का कारोबार
खेती के साथ कमाई बढ़ाने के लिए किसान अब पशुपालन के दूसरे विकल्प भी अपना सकते हैं. सूअरपालन ऐसा ही एक व्यवसाय है, जिसे उचित प्रबंधन, अच्छी नस्ल, संतुलित आहार और बाजार की जानकारी के साथ शुरू किया जा सकता है. इस से किसान और ग्रामीण युवा रोजगार का अपना साधन तैयार कर सकते हैं.
बैंक से मिलता है लोन
सूअरपालन का काम छोटे स्तर से शुरू क रके धीरेधीरे बढ़ाया जा सकता है. इस के लिए पशु खरीदने, बाड़ा बनाने, चारे की व्यवस्था करने और दूसरी जरूरी सुविधाएं जुटाने में पैसे की जरूरत होती है. ऐसे में बैंक से मिलने वाला लोन कारोबार शुरू करने में मददगार हो सकता है.
सूअरपालन के लिए कहां से मिलेगा लोन?
सूअरपालन के लिए विभिन्न बैंक अपनी शर्तों के अनुसार कर्ज देते हैं. यूनियन बैंक औफ इंडिया में भी भेड़, बकरी और सूअरपालन से जुड़े कारोबार के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध है.
बैंक की संबंधित योजना का उद्देश्य पशुपालन इकाई स्थापित करने, पहले से चल रहे कारोबार का विस्तार करने और उसे बेहतर बनाने के लिए आर्थिक सहायता देना है.
कितना मिल सकता है लोन
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत पात्र आवेदक को 50,000 रुपए से ले कर 10 लाख रुपए तक का लोन मिल सकता है. हालांकि, वास्तविक लोन राशि आवेदक की जरूरत, परियोजना की लागत, चुकाने की क्षमता और बैंक की मंजूरी पर निर्भर करेगी.
सूअरपालन में किन कामों के लिए चाहिए पैसा?
सूअरपालन का कारोबार शुरू करने से पहले खर्चों का हिसाब तैयार करना जरूरी है. बैंक में प्रस्तुत की जाने वाली परियोजना रिपोर्ट में इन कामों का विवरण शामिल किया जा सकता है :
-सूअर खरीदना : कारोबार की जरूरत के अनुसार मादा सूअर, प्रजनन के लिए नर सूअर या पालन के लिए छोटे पशु खरीदना.
-बाड़ा तैयार करना : पशुओं के रहने, आराम करने और सुरक्षित रखने के लिए उचित जगह बनाना.
-चारे की व्यवस्था : पशुओं के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार का इंतजाम करना.
-पानी और सफाई : साफ पानी, नालियों और बाड़े की सफाई की व्यवस्था करना.
-बीमारी से बचाव : पशु चिकित्सक की सलाह से टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और जरूरी उपचार की व्यवस्था करना.
-कारोबार का विस्तार : पहले से सूअरपालन कर रहे लोग अपनी इकाई की क्षमता बढ़ाने के लिए भी ऋण की जानकारी ले सकते हैं.
इन कामों पर होने वाला खर्च पशुओं की संख्या, जगह, निर्माण और स्थानीय बाजार के हिसाब से अलगअलग हो सकता है.
कौन ले सकता है सूअरपालन के लिए लोन?
यूनियन बैंक की योजना के लिए आवेदन करने से पहले बैंक से पात्रता की जानकारी लेना जरूरी है. सामान्य तौर पर आवेदक को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए :
-आवेदक भारतीय नागरिक हो.
-वह सूअरपालन का कारोबार शुरू करना चाहता हो या पहले से इस काम में लगा हो.
-उस की उम्र और दूसरी योग्यताएं बैंक की शर्तों के अनुसार हों.
-उस के पास कारोबार चलाने के लिए जरूरी जगह और सुविधाओं की योजना हो.
-वह बैंक को अपनी आमदनी और लोन चुकाने की क्षमता के बारे में संतोषजनक जानकारी दे सके.
-उस का पिछला कर्ज चुकाने का रिकौर्ड ठीक हो.
ध्यान दें कि उम्र, क्रेडिट स्कोर और दूसरी शर्तें बैंक की नीति और संबंधित ऋण उत्पाद के अनुसार अलग हो सकती हैं, इसलिए आवेदन से पहले शाखा से इसकी पुष्टि कर लें.
लोन के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
सूअरपालन के लिए लोन मांगते समय बैंक आवेदक से पहचान और कारोबार से जुड़े दस्तावेज मांग सकता है. इनमें प्रमुख हैं :
-आधारकार्ड या अन्य पहचानपत्र.
-पैनकार्ड.
-निवास प्रमाणपत्र.
-पासपोर्ट आकार की फोटो.
-बैंक खाते की जानकारी और बैंक स्टेटमैंट.
-सूअरपालन इकाई की परियोजना रिपोर्ट.
-जमीन या जगह से जुड़े दस्तावेज अथवा किराये पर जगह लेने का प्रमाण, जहां लागू हो.
-पशुओं की संख्या, बाड़े और अनुमानित खर्च का विवरण.
-बैंक की ओर से मांगे गए अन्य दस्तावेज.
सभी आवेदकों के लिए दस्तावेजों की सूची एकजैसी नहीं होती. बैंक कारोबार और लोन की राशि के आधार पर अतिरिक्त कागजात भी मांग सकता है.
यह भी जानें
पहला चरण : अपने नजदीकी यूनियन बैंक औफ इंडिया की शाखा में जा कर सूअरपालन के लिए उपलब्ध ऋण योजना की जानकारी लें.
दूसरा चरण : कारोबार की योजना तैयार करें. इस में कितने सूअर खरीदने हैं, बाड़े पर कितना खर्च होगा, चारे की व्यवस्था कैसे होगी और पशु कहां बेचे जाएंगे, इस की जानकारी रखें.
तीसरा चरण : बैंक से आवेदनपत्र ले कर भरें और मांगे गए दस्तावेज जमा करें.
चौथा चरण : बैंक आप के दस्तावेजों, कारोबार की व्यवहार्यता और लोन चुकाने की क्षमता की जांच कर सकता है. जरूरत पड़ने पर बैंक की ओर से परियोजना से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी भी मांगी जा सकती है.
5वां चरण : बैंक की मंजूरी और निर्धारित शर्तें पूरी होने के बाद लोन की राशि जारी की जा सकती है.
कितने समय में चुकाना होगा लोन?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस तरह के ऋण को चुकाने की अवधि 3 से 7 साल तक हो सकती है. हालांकि, वास्तविक अवधि लोन की शर्तों और बैंक की मंजूरी पर निर्भर करेगी.
सूअरपालन शुरू करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान :
-सूअरपालन में कमाई की संभावना होने के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हैं.
-कारोबार शुरू करने से पहले आसपास के बाजार में सूअर और उन से मिलने वाले उत्पादों की मांग का पता लगाएं.
-पशुओं की अच्छी नस्ल चुनें और उन के स्वास्थ्य, सफाई तथा आहार पर विशेष ध्यान दें.





