Wheat Variety : गेहूं से अच्छी पैदावार लेने के लिए अच्छी किस्म का होना जरूरी है. इसके लिए अनेक कृषि वैज्ञानिक/कृषि संस्थान नित नए प्रयोग करते हैं जिससे उन्नत बीज ईजाद हो सकें और वे किसानों तक पहुंच सकें. इसी कड़ी में अविकानगर संस्थान ने ऐसा ही कुछ किया.
किसान के खेत पर प्रदर्शन
भाकृअनुप, केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर मालपुरा तहसील के अरनिया बस्सी गांव में चयनित फार्मर फर्स्ट प्रोजेक्ट के किसान के खेत पर फील्ड डे का आयोजन किया गया. यह आयोजन निदेशक डॉ. अरुण कुमार के मार्गदर्शन में किया गया और गेहूं की एक खास वैराइटी पर काम हुआ.
गेहूं की किस्म डीबीडब्लू-187 का बेहतर प्रदर्शन
डॉ. सत्यवीर सिंह डागी द्वारा बताया कि पिछले वर्ष रबी सीजन मे गेहूं की किस्म डीबीडब्लू-187 का प्रथम पंति प्रदर्शन अरनिया बस्सी गांव मे लगवाया गया. अरनिया गांव मे डीबीडब्लू-187 के खेतो का किसान की मौजूदगी में भ्रमण के साथ अवलोकन किया गया, जिसमें ज्यादातर किसानो ने डीबीडब्लू-187 किस्म (Wheat Variety) को अन्य गांव की गेहूं फसल से बेहतर बताया.
लंबी बाली और अधिक पैदावार
इस किस्म के प्रदर्शन में पाया गया कि यह किस्म अधिक फुटान वाली है, बाली की लंबाई अधिक, दानों की संख्या अधिक, भूसे की मात्रा भी अधिक, हवा मे ज्यादातर गेहूं खेत में सीधा खड़ा है और कोई बीमारी भी इस किस्म नहीं होना बताया है. इस किस्म के वर्तमान प्रदर्शन से किसान खुश नजर आए.
18 क्विंटल तक मिलेगी पैदावार
अविकानगर से डॉ. सत्यवीर सिंह डागी, डॉ. अमर सिंह मीना, डॉ. राजेश बिश्नोई, डॉ. रंगलाल मीना, डॉ. दुष्यंत कुमार शर्मा, डॉ. रणजीत गोदारा और फार्मर फर्स्ट टीम द्वारा किसानों को इस किस्म को अपनाने के साथ साथ अन्य लोगों को भी इसकी विशेषता बताने के लिए कहा गया. किसान द्वारा बताया गया कि प्रति बीघा इस किस्म से 14 से 18 क्विंटल पैदावार होगी





