Solar Energy: सोलर सिस्टम किसानों के लिए बहुत काम के होते हैं क्योंकि गांव देहात के इलाकों में बिजली की आंखमिचौनी लगी रहती है. ऐसे में सोलर सिस्टम किसानों की हर उस जरूरत को पूरा करते हैं जिसकी कमी से उसे नुकसान हो सकता है.
बिजली के बढ़ते दामों से आज हर कोई परेशान है. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर घर रोशनी के लिए चिंताजनक विषय है. ग्रामीण क्षेत्रों में रात को रोशनी के लिए परंपरागत ईंधन जैसे केरोसिन, लैंप का इस्तेमाल करने से महिलाओं का स्वास्थ एक उम्र के बाद काफी हद तक खराब देखने को मिल रहा है. आए दिन ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ती समस्या को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, चित्तौड़गढ़, उदयपुर के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. रतन लाल सोलंकी ने ग्रामीणों को सौर ऊर्जा (Solar Energy) आधारित होम लाइटिंग सिस्टम के बारे में बताया.
क्या है सोलर सिस्टम
महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर की अखिल भारतीय समन्वित कृषि एवं कृषि उद्योगों में ऊर्जा के लिए अनुसंधान परियोजना के माध्यम से के वी के चित्तौड़गढ़ में कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ. उदयपुर से आए परियोजना अधिकारी कपिल सामर ने सोलर होम लाइटिंग सिस्टम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसे सोलर प्लेट द्वारा 6 से 7 घंटे में पूरी तरह चार्ज कर पूरी रात खेत या घर पर लाइट के लिए काम में लिया जा सकता है. इसके साथ इसमें मोबाइल चार्जिंग की भी ऑप्शनल सुविधा दी गई है.
जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा
डॉ. रतन लाल सोलंकी ने सोलर सायरन सिस्टम पर जानकारी देते हुए बताया कि रोजड़ों/जंगली जानवरों से रात में होने वाले हमलों से खेती में काफी नुकसान होता है जिसके हल के लिए सस्ता और किफायती सोलर सायरन सिस्टम लगाया जा सकता है. यह सोलर पैनल से दिन में सूरज की रोशनी में चार्ज होता है और रात में एक एक मिनट के अंतराल में सायरन जैसी आवाज कर जंगली जानवरों में डर पैदा करता है जिसकी वजह से जानवरों का आना जाना खेतों में न के बराबर रहता है.
किसानों को मिले सोलर होम लाइटिंग सिस्टम
कपिल सामर ने सौर ऊर्जा (Solar Energy) आधारित उपकरणो और बायोगैस के बारे में जानकारी दी. उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए उनके ही क्षेत्र में आसानी से उपलब्ध कृषि अपशिष्ट और पशु अपशिष्ट से बायोगैस उत्पादन की तकनीकी, रखरखाव, मासिक एवं वार्षिक लाभ के बारे में बताया.
कार्यक्रम के समापन के दौरान अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के तहत ग्राम पंचायत के एससी वर्ग के किसानो को एक एक सोलर होम लाइटिंग सिस्टम और सोलर सायरन सिस्टम वितरित किए गए. कार्यक्रम के दौरान परियोजना की और से गजेंद्र पटेल आदि मौजूद थे.





