Waste to Energy. नितिन गडकरी का बड़ा दावा है ‘हाइड्रोजन ही है भविष्य’. कूड़े के ढेर से निकलेगा ईंधन, उसी पर दौड़ेंगी दिल्ली की बसें… जानिए, क्या है सरकार का बड़ा प्लान.
क्या शहर का कूड़ा बन सकता है बसों का ईंधन ?
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का जवाब है, हां. उन्होंने कहना है कि आने वाले समय में दिल्ली की बसें शहर के कूड़े से तैयार हाइड्रोजन ईंधन पर दौड़ सकती हैं. उनका मानना है कि हाइड्रोजन ही भविष्य का सबसे बड़ा और स्वच्छ ईंधन बनने जा रहा है.
एक कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने कहा, “पिछले 50 साल में मेरी भविष्यवाणी गलत नहीं हुई. आने वाले समय में दिल्ली की बसें शहर के कूड़े से बने हाइड्रोजन पर चल सकती हैं.”
कूड़े से कैसे बनेगा हाइड्रोजन?
विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक वेस्ट-टू-हाइड्रोजन तकनीक के जरिए नगरों से निकलने वाले ठोस कचरे और जैविक अपशिष्ट को प्रोसेस कर हाइड्रोजन गैस तैयार की जा सकती है. इस गैस का उपयोग हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसों और अन्य वाहनों में ईंधन के रूप में किया जा सकता है.
मिल सकते हैं बड़े फायदे
अगर यह तकनीक बड़े स्तर पर लागू होती है, तो दिल्ली को कई फायदे मिल सकते हैं :
-कूड़े के पहाड़ कम होंगे.
-डीजल और पेट्रोल पर निर्भरता घटेगी.
-वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी.
-स्वच्छ और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा.
-कचरे से ऊर्जा बनने पर स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे.
क्यों कहा जा रहा है हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन?
दुनिया के कई देश ग्रीन हाइड्रोजन को स्वच्छ ऊर्जा के रूप में तेजी से अपना रहे हैं. हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों से लगभग केवल पानी की भाप निकलती है, जिससे प्रदूषण काफी कम होता है. इसी वजह से इसे भविष्य की स्वच्छ परिवहन व्यवस्था का अहम विकल्प माना जा रहा है.
भारत भी बढ़ा इस दिशा में कदम बढ़ा रहा है
भारत पहले से एथेनॉल, बायो-सीएनजी, इलेक्ट्रिक वाहनों और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा दे रहा है. यदि कूड़े से हाइड्रोजन बनाने की तकनीक बड़े पैमाने पर सफल होती है, तो यह देश में कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा दोनों क्षेत्रों में बड़ा बदलाव ला सकती है.
बदलेगी दिल्ली की तस्वीर
यदि यह योजना जमीन पर उतरती है, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली की पहचान केवल कूड़े के पहाड़ों से नहीं, बल्कि उसी कचरे से बनने वाले स्वच्छ ईंधन से भी हो सकती है. Waste to Energy





