Tractor Sales: खेती में काम आने वाला किसानों का सबसे खास दोस्त, जो खेती में निभाता है सबसे महत्वपूर्ण भूमिका, जिसके बगैर खेती है अधूरी और कृषि यंत्र हैं लाचार. जी हां, हम यहां उसी बेताज बादशाह ट्रैक्टर की बात करने जा रहे हैं, जिसके बगैर अनेकों कृषि यंत्रों को खेती में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और किसान भी उसके बगैर अधूरा है. वह कौन सा दमदार ट्रैक्टर है, जो किसानों की कसौटी पर उतरा है खरा. किसने बनाया ट्रैक्टर की बिक्री (Tractor Sales) का रिकॉर्ड और किसकी बादशाहत रही कायम? जानने के लिए पढ़े यह लेख-
ट्रैक्टर बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा से क्या बदलेगा खेल
ट्रैक्टर ने सालों से किसानों के बीच भरोसा बनाया है. चाहे छोटे खेत हों या बड़े, हल्की जुताई हो या भारी काम, कंपनी के ट्रैक्टर हर परिस्थिति में उच्च प्रदर्शन देते हैं. किसानों के लिए यह केवल मशीन नहीं, बल्कि खेती में उनका सबसे भरोसेमंद साथी बन चुका है.
भारतीय ट्रैक्टर बाजार में पिछले कुछ सालों में कंपनी ने छोटे और बड़े किसानों की जरूरतों के अनुसार अलग-अलग मॉडल पेश किए हैं. जो तकनीकी नवाचार, ईंधन की खपत में कमी और ताकतवर इंजन वाले ट्रैक्टर साबित हुए. कंपनियों का मानना है कि हमारा फोकस किसानों की बदलती जरूरतों के अनुसार ट्रैक्टर विकसित करने पर रहता है. हर मॉडल को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वह न केवल प्रदर्शन में उत्कृष्ट हो, बल्कि लंबे समय तक टिकाऊ और भरोसेमंद भी रहे.
दिसंबर 2025 में ट्रैक्टर बिक्री ने तोड़ा पिछला रिकॉर्ड
उत्तर भारत में एस्कॉर्ट, सोनालीका, महिंद्रा, जॉन डियर आदि ट्रैक्टरों को खासा पसंद किया जाता है और ट्रैक्टर की बिक्री (Tractor Sales) यह रिकॉर्ड किसानों के समर्थन को पुख्ता करता है. जहां कई प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों ने मजबूत बिक्री हासिल की और बाजार हिस्सेदारी में इजाफा दर्ज किया, वहीं कुछ ब्रांड्स को मामूली गिरावट का सामना करना पड़ा. यह स्थिति ट्रैक्टर बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बदलाव को दिखाती है.
दिसंबर 2025 में ट्रैक्टर बिक्री के आंकड़े
खेती का बादशाह है ट्रैक्टर. यदि ट्रैक्टर के ब्रांड की बात करें तो आज ट्रैक्टर के सैकड़ों ब्रांड बाजार में मौजूद हैं. सभी की अपनी खासियतें हैं. कोई अधिक पावरफुल है, तो किसी में ईंधन की खपत कम है, जिनमें से किसान अपनी जमीन और जरूरत के अनुसार ट्रैक्टर खरीद सकता है. फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) रिसर्च डेटा के अनुसार कैलेंडर वर्ष 2025 में ट्रैक्टरों की रिटेल बिक्री (Tractor Sales) 996,633 वाहन रही. यह वर्ष 2024 में हुई 893,706 ट्रैक्टरों की बिक्री से ज्यादा है और सालाना आधार पर 11 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी है.ट्रैक्टर मार्केट में किस ट्रैक्टर की कितनी रही हिस्सेदारी, किसकी रही बादशाहत जानिएं –
ट्रैक्टरों में किसने की बादशाहत कायम
प्रमुख मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के लिए मांग की मजबूती साफ दिखी. इसमें भी महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (एमऐंडएम) ने अपना दबदबा और बढ़ाया.बीते साल दिसंबर, 2025 में महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड (ट्रैक्टर डिवीजन) ने 237,980 ट्रैक्टर की बिक्री (Tractor Sales) के साथ पहला स्थान हासिल किया. दिसंबर 2024 की तुलना में 23.36 फीसदी के मुकाबले अपनी बाजार भागीदारी बढ़ाकर 23.88 फीसदी की.
महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड (स्वराज डिवीजन) ने 186,529 वाहनों की खुदरा बिक्री दर्ज की, बाजार हिस्सेदारी 18.60 फीसदी से बढ़कर 18.72 फीसदी हो गई. इन दोनों ब्रांडों का साल के दौरान कुल उद्योग की बिक्री में 42 प्रतिशत से ज्यादा योगदान रहा.
एमऐंडएम के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस के अध्यक्ष विजय नाकरा ने कहा, ‘हमने दिसंबर 2025 में घरेलू बाजार में 30,210 ट्रैक्टर बेचे हैं जो पिछले साल के मुकाबले 37 प्रतिशत ज्यादा हैं.’
सोनालीका ट्रैक्टर बिक्री में ऐतिहासिक उछाल
हाल ही में दिसंबर, 2025 में किसानों ने सोनालीका ब्रांड की जमकर खरीदारी की. सोनालीका ट्रैक्टर्स ने दिसंबर 2025 में 12,392 यूनिट्स की बंपर बिक्री की. इंटरनैशनल ट्रैक्टर्स (सोनालिका) ने दिसंबर 2025 में 126,741 ट्रैक्टरों की बंपर बिक्री की. यह तीसरे स्थान पर रही. सोनालीका के इस प्रदर्शन से भारतीय ट्रैक्टर बाजार में कंपनी को मजबूती मिली और कंपनी ने किसानों के बीच कहीं अधिक ताकतवर ब्रांड बनाकर अपनी जगह मजबूत की है.
लक्ष्य ट्रैक्टर बेचना नहीं, किसानों के भरोसे को जीतना है
ट्रैक्टर की रिकॉर्ड बिक्री होने पर सोनालीका ट्रैक्टर के संयुक्त प्रबंध निदेशक, रमण मित्तल का कहना है कि, हमारे हर ट्रैक्टर की बिक्री (Tractor Sales) किसानों के विश्वास को दिखाती है. हम किसानों की जरूरतों और फीडबैक को समझकर ऐसे ट्रैक्टर बनाते है, जो भरोसेमंद और उच्च प्रदर्शन वाले हों. उन्होंने यह भी बताया कि, कंपनी का लक्ष्य सिर्फ ट्रैक्टर बेचना नहीं, बल्कि ऐसे ट्रैक्टर बनाते रहना है जो किसानों का लंबे समय तक खेती में साथ निभाए और उनकी कसौटी पर खरा उतरे.
एस्कॉर्ट्स कुबोटा की रिकॉर्ड ग्रोथ ने चौंकाया बाजार
एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड (एग्री मशीनरी ग्रुप) का काफी अच्छा प्रदर्शन रहा. उन्होंने 106,482 यूनिट की बिक्री दर्ज की, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 9.78 प्रतिशत था. अब 10.68 प्रतिशत रहा.
टैफे लिमिटेड ट्रैक्टर की बाजार हिस्सेदारी
टैफे लिमिटेड ने दिसंबर, 2025 में 111,947 ट्रैक्टर की बिक्री की, उसकी बाजार भागीदारी 11.23 प्रतिशत रही जो दिसंबर, 2024 की 11.54 प्रतिशत से कम है. हालांकि यह मामूली फर्क है, लेकिन इसके लिए कंपनी को मंथन करना होगा कि वह आने वाले समय में किसानों का अपने प्रोडक्ट के प्रति भरोसा बनाए रखे.
जॉन डियर ट्रैक्टर की बढ़ती लोकप्रियता
जॉन डियर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (ट्रैक्टर डिवीजन) ने 76,563 ट्रैक्टर बेचे जो पिछले साल की 6,321 यूनिट से 33.68 फीसदी अधिक है. इसकी बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 7.68 फीसदी हो गई है.
किन ट्रैक्टर कंपनियों को झेलनी पड़ी मामूली गिरावट
आयशर ट्रैक्टर्स ने दिसंबर, 2025 में 61,768 यूनिट बेचीं, उसकी बाजार भागीदारी 6.20 प्रतिशत रही. फिर भी कंपनी को किसानों की नब्ज टटोलनी होगी, जिससे वह अपना मुकाम हासिल कर सके.
ट्रैक्टर बाजार के रुख का कुल-मिलाकर एक औसत एवरेज देखा जाए तो दिसंबर, 2025 में ट्रैक्टर रिटेल बाजार ने पिछले साल की तुलना में अच्छी बढ़त हासिल की है.





