Multilayer Farming: यह है कम जमीन में ज्यादा कमाई का वैज्ञानिक तरीका. इस तरीके में एक ही खेत में, अलग-अलग ऊंचाइयों पर अलग-अलग फसल ली जाती है, जिसे मल्टीलेयर फार्मिंग (Multilayer Farming) तकनीक कहा जाता है.
जगह कम आमदनी ज्यादा, ये है मल्टीलेयर फार्मिंग वादा
अगर आप खेती में अपनी आमदनी को कई गुना करना चाहते हैं तो करें मल्टीलेयर फार्मिंग. इस तकनीक में एक साथ, एक ही समय में चार से पांच तरह की फसलें एक ही जमीन में उगा सकते हैं. ऐसा करने से खेती की लागत में कमी और किसानों को अधिक आमदनी मिलेगी.
एक साथ कई तरह की फसलें : फसलों का चयन जरूरी
-किसान एक ही खेत में एक साथ कई तरह की फसलें उगाकर अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं.
-इस बहुस्तरीय खेती में समय, जलवायु और मिट्टी के अनुसार फसलों का चयन करना महत्त्वपूर्ण है.
-किसान एक ही खेत में जड़ वाली फसलें, सतह पर उगने वाली सब्जियां, मचान विधि से बेल वाली फसलें और फलदार वृक्ष लगाकर अपनी आमदनी को चार गुना कर सकते हैं.
क्या है तरीका
-इसमें सबसे पहले जड़ वाली फसलें लगाई जाती हैं, जैसे आलू, चुकंदर, मूली, गाजर, अदरक, हल्दी या अरबी जैसी जड़ वाली फसलें लगाएं. अपनी मिट्टी और मौसम के अनुसार सही फसल का चुनाव करें.
–जड़ के बाद सतह पर उगाई जाती हैं सब्जियां, जैसे भिंडी, मटर, बैगन, गोभी, हरी मिर्च या शिमला मिर्च जैसी सब्जियां उगा सकते हैं. इन सभी सब्जियों की मांग भी बाजार में अच्छी रहती है, इसलिए इन फसलों को कम लागत में तैयार कर सकते हैं.
-तीसरी सतह मचान विधि से बेल वाली फसलें.
अब आती है तीसरी सतह की खेती. इस में सब्जियों के साथ-साथ मचान बनाकर कद्दू, खीरा, ककड़ी, लौकी और तोरई जैसी बेल वाली फसलें उगाई जाती हैं.
फलदार वृक्ष देंगे अतिरिक्त आमदनी.
अब बात करते हैं खेती में चौथी फसल की. इन फसलों के बीच में कम ऊंचाई वाले फलदार वृक्ष जैसे नीबू, उन्नत किस्म के आम, अमरूद या पपीता के पौधे लगाए जाते हैं. ये फलदार पौधे आपकी खेती की जमीन और मचान पर लगी फसलों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे और आपको अतिरिक्त मुनाफा भी देंगे





