Kisan Samriddhi Yojana: ‘किसान समृद्धि योजना’ झारखंड सरकार की एक महत्त्वाकांक्षी योजना है, जो कृषि में सिंचाई के लिए सौर उर्जा से चलने वाली सिंचाई इकाइयों की स्थापना के लिए बनाई गई है. यह योजना किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करेगी.
योजना की क्या है विशेषताएं
-यह योजना झारखंड राज्य के सभी 24 जिलों में लागू.
-सभी तरह के जल स्रोतों (कुआं, नदी, झरना, तालाब, चैक डैम इत्यादि) से जल उठाव में उपयोगी.
-योजना के अंतर्गत 2 तरह की सिंचाई इकाइयों की स्थापना/वितरण का प्रावधान है.
–5HP सतही सौर ऊर्जा आधारित पंपसेट उद्वह सिंचाई इकाई : इसके अंतर्गत नदी, नाले, तालाब, चेकडैम, बडे़ कुएं जैसे जलस्रोत जहां आमतौर पर पूरे साल पर्याप्त मात्रा में सिंचाई जल उपलब्ध रहता है.
–2HP सतही सौर ऊर्जा आधारित पंपसेट चलंत सिंचाई इकाई : इसके अंतर्गत नदी, नाले, तालाब, चेकडैम, कूप जैसे जलस्रोत जहां साल भर पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध रहता है, पर 2 HP क्षमता के सौर उर्जा चालित सतही पंपसेट आधारित चलंत सिंचाई इकाई किसानों को प्रदान किए जाएंगे जिनकी सिंचाई क्षमता लगभग 1 एकड़ होगी.
-योजना में सरकार निर्धारित न्यूनतम दर पर 90 प्रतिशत तक अनुदान देगी एवं 10 प्रतिशत अंशदान लाभार्थी द्वारा दिया जाएगा.
-योजना अंतर्गत लाभुकों का चयन Online आवेदन प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा.
इस योजना के तहत व्यक्तिगत लाभुकों को केवल एक बार ही अनुदान का लाभ दिया जाएगा. समूह की स्थिति में समूह के सभी सदस्यों को कम से कम 5 वर्ष तक इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा.
किसान समृद्धि योजना से क्या हैं लाभ
-सौर ऊर्जा से चलने के कारण बिजली की आवश्यकता नहीं पड़ती है.
-सौर ऊर्जा से चलने के कारण किसी भी मौसम में सिंचाई की जा सकती है.
-इसके रख-रखाव पर खर्च कम.
कैसे करें आवेदन
-कृषक समूह/स्वयं सहायता समूह FPO/FPC/Co-operatives की ओर से समूह/संस्था के पदाधिकारी आवेदन कर सकते हैं.
-कृषक समूह/महिला स्वयं सहायता समूह (JSLPS पंजीकृत) /FPO/FPC/LAMPS/PACS का पंजीकृत कार्यालय झारखंड राज्य में होना चाहिए.
-आवेदक का आधारकार्ड एवं राशनकार्ड का e-KYC होना चाहिए.
-आवेदकों को यह साबित करना होगा कि भूमि जल स्रोत के पास में ही है.
-किसान/सदस्य/शेयर होल्डर की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए.





