Sprinkler Irrigation : कम पानी में उम्दा खेती के लिए सिंचाई तकनीकों अपनाना जरूरी है. सरकार द्वारा भी सिंचाई तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने और उस का लाभ अधिक से अधिक किसान उठा सकें इसलिए अनेक योजनाएं लाती है. ऐसी ही एक तकनीक है फव्वारा सिंचाई (Sprinkler Irrigation) तकनीक.

क्या है फव्वारा सिंचाई

फव्वारा सिंचाई (Sprinkler Irrigation) को स्प्रिंगलर सिंचाई भी कहा जाता है. इस तकनीक में पानी की फुहार के जरिए खेती में सिंचाई की जाती है. खासकर ऊंची-नीची जगह या एकसमान खेत का न होना, खेत में जलभराव की समस्या हो, उसके लिए तो यह तरीका बहुत ही कारगर है. इसमें पानी की भी बचत होती है और पूरे खेत में सिंचाई भी होती है. पानी भी बर्बाद नहीं जाता.

योजना क्यों है लाभकारी

पानी की बचत : इस तकनीक में 30 फीसदी से अधिक पानी की बचत भी होती है और पानी पौधों की जड़ों तक पहुंचता है.

-फसल उत्पादन में बढ़ोतरी होती है.

-कम मेहनत , समय की भी बचत होती है.

70 से 75 फीसदी तक अनुदान

राजस्थान सरकार फव्वारा सिंचाई योजना के तहत किसानों को स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने पर 70 से 75 फीसदी तक सब्सिडी दे रही है. सामान्य वर्ग के किसानों को 70 फीसदी सब्सिडी मिलेगी और लघु, सीमांत, महिला और अनुसूचित जाति/जनजाति किसानों को 75 फीसदी तक अनुदान का लाभ मिलेगा. यह सब्सिडी अधिकतम 5 हेक्टेयर भूमि तक सीमित है.

कौन ले सकता है इसका फायदा

-आवेदक राजस्थान का मूल निवासी किसान होना चाहिए.

-कम से कम 0.2 हेक्टेयर सिंचित भूमि होना जरूरी है.

-कृषक के स्वयं के नाम जमीन होनी चाहिए.

कैसे करें आवेदन

-राजस्थान के किसान अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकता है.

-आवेदन के समय जरूरी दस्तावेज जैसे आधारकार्ड , फोटो, बैंक पासबुक, जनाधार कार्ड, जमाबंदी की नकल (छह माह से अधिक पुरानी न हो)
जरूरी हैं.

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