Arhar: इस समय देश में दालों की अच्छीखासी कमी है. सरकार भी किसानों को दालों का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रही है. खासकर अरहर दाल का उत्पादन काफी कम हो रहा है, क्योंकि अरहर की खेती से पूरे साल में किसान एक ही फसल ले पाता है, जबकि अन्य फसलों से साल भर में एक से ज्यादा फसलें ले सकता है.
इसी संकट से जूझ रहे किसानों के लिए अरहर (Arhar) की नई प्रजाति कुदरत करिश्मा अच्छा मुनाफा देगी. अब तक की अरहर की प्रजातियों की तुलना में लगभग दोगुनी पैदावार देने वाली अरहर कुदरत करिश्मा प्रगतिशील किसान प्रकाश सिंह रघुवंशी ने तैयार की है.
इस प्रजाति को विकसित करने के लिए पिछले 10 सालों से अनुसंधान चल रहा था, जिस में खासा सहयोग मिला डा. यूपी सिंह का जो जानेमाने प्लांट वीडर वैज्ञानिक हैं.
कुदरत करिश्मा पौधे की खासीयत : इस फसल में नीलगाय नहीं घुस पाएगी, क्योंकि इस के पौधे 1 फुट के होने पर ही अनेक शाखाएं निकलने लगती हैं और पौधे बड़े हो कर इतने घने होते हैं कि नीलगाय को खेत में घुसने में रुकावट पैदा करते हैं.
किसान अरहर (Arhar) की इस प्रजाति के बीज लेने के लिए या अधिक जानकारी के लिए प्रकाश सिंह रघुवंशी से इन नंबरों 9956941993, 9415643838, 9005740560 पर बात कर सकते हैं.
कुदरत करिश्मा बीज की खासीयतें
(मालवीय अरहर-13 से सेलेक्शन किया गया)
प्रजाति की खासीयत : अरहर प्रजाति करिश्मा
पौधे की ऊंचाई : 165-170 सेंटीमीटर
शाखा की संख्या : 8-10
पौधे की प्रकृति : बौनी फैलने वाली
पकने का समय : 230-240 दिन
फलियों की संख्या प्रति पौधा : 600-1000
फलियों की प्रकृति : दबी हुई
दाने की संख्या प्रति फली : 3-4 दाने
दाने का वजन प्रति पौधा : 650-850 ग्राम
उपज प्रति हेक्टेयर (पौधों की संख्या 40000 हो) : 32-35 क्विंटल
दाने का रंग : भूरा
100 दाने का वजन : 13-14 ग्राम
दाने का आकार : गोल और उभरा
बीमारियां : रोग रहित





