Mobile App: किसानों को बीज मिलने की किल्लत से मिलेगा छुटकारा, अब घर बैठे मंगा सकते हैं अपनी पसंद का बीज. एक मोबाइल ऐप (Mobile App) के जरिए सीधे किसानों तक पहुंचेंगे बीज.

खेती में बीज की सबसे मुख्य भूमिका होती है. अगर बीज ही सही नहीं हैं तो आप खेत में कितना ही अच्छा खाद उर्वरक, पानी दे दें, लेकिन फसल से अच्छा उत्पादन नहीं मिल सकता और किसान बीज विक्रेताओं के हाथों भी ठगे जाते हैं. लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार का यह कदम बिचौलियों पर लगाम लगाएगा और किसानों को उनसे मुक्ति भी मिलेगी.

किसानों के लिए सरकार का बड़ा कदम

आए-दिन किसानों के सामने फसल की बोनी के समय बीज मिलना एक बड़ी समस्या है. लेकिन अब हिमाचल प्रदेश के किसान इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं और बीज की कालाबाजारी करने वालों पर भी लगाम लग जाएगी. इस भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने के लिए कृषि विभाग ने यह बड़ा फैसला लिया है. इस कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी सबसिडी वाले बीजों की कालाबाजारी को रोकना है और किसानों तक बीज की पहुंच हो, यह भी पक्का करना है.

किसान करें इस मोबाइल ऐप का इस्तेमाल

पिछले कुछ वर्षों से विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि सरकारी सब्सिडी वाले उन्नत किस्म के बीज किसानों को नहीं मिल पाते थे. लेकिन अब आगामी खरीफ सीजन 2026-27 के लिए विभाग ने ‘कृषि मैपर ऐप’ (Mobile App) का उपयोग जरूरी कर दिया है. ‘कृषि मैपर ऐप’ के जरिए अब बीज सीधा किसान को मिलेगा और किसानों के साथ धोखाधड़ी नहीं हो सकेगी.

तय दाम पर बीज, किसानों को लाभ

मोबाइल ऐप के जरिए अब तय दाम बीज पर किसानों तक पहुंचेगे. जियो-टैगिंग और फोटो वेरिफिकेशन-जब किसान बीज प्राप्त करेगा, तो उस समय की लोकेशन और किसान की पहचान को ऐप के माध्यम से वेरिफाई किया जाएगा.

कृषि विभाग का मकसद तमाम सुविधाओं को किसानों तक पहुंचाना है, जिसके चलते ‘कृषि मैपर ऐप’ के माध्यम से बीजों के वितरण को लेकर नई तकनीक शुरू की गई है. आगामी खरीफ सीजन में धान, मक्का और अन्य बीजों का वितरण पूरी तरह इसी ऐप के माध्यम से संचालित होगा, जो किसानों के लिए फायदे का सौदा होगा.

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