Farmer Registry : किसानों को अनेक सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री एक महत्त्वपूर्ण कदम है. एक काम को कराने के बाद अनेक सरकारी योजनाओं का लाभ लेना आसान और अनेक योजनाओं का लाभ लेने के लिए बार बार किसान को सत्यापन भी नहीं कराना होगा.
एग्री स्टैक के तहत 6 से 15 अप्रैल तक फार्मर रजिस्ट्री अभियान
जो किसान अभी तक फार्मर रजिस्ट्री न(Farmer Registry ) हीं करा पाए हैं उनके लिए उत्तर प्रदेश बस्ती शासन के निर्देश पर एग्री स्टैक (डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर) के अंतर्गत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने के लिए एक अभियान चलाया जा रहा है जिसकी शुरुआत जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में 6 अप्रैल से शुरू हो चुकी है. यह विशेष अभियान 15 अप्रैल तक ग्राम सचिवालय स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाएगा. फार्मर रजिस्ट्री के तहत किसान को एक विशेष पहचान मिलती है.
किसानो को मिलेंगे कई लाभ
उप कृषि निदेशक अशोक कुमार गौतम ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री कराने से किसानों को कई महत्त्वपूर्ण लाभ मिलेंगे, जैसे पीएम किसान सम्मान निधि योजना की आगामी किस्त प्राप्त करने के लिए रजिस्ट्री अनिवार्य है. इसके साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड, फसली ऋण, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड सहित अन्य कृषि ऋण प्राप्त करने में सुविधा मिलती है.
उन्होंने आगे बताया कि फसल बीमा योजना का लाभ लेने तथा आपदा प्रबंधन के तहत क्षतिपूर्ति के लिए किसानों के चिन्हांकन में भी यह रजिस्ट्री उपयोगी सिद्ध होगी. फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ वितरण पारदर्शी एवं सरल हो जाएगा तथा लाभार्थियों का बार-बार सत्यापन भी आवश्यक नहीं रहेगा.
कैसे होगा पंजीकरण
किसान स्वयं भी मोबाइल ऐप के माध्यम से सेल्फ मोड में रजिस्ट्री कर सकते हैं. इसके अतिरिक्त जन सेवा केंद्र पर निर्धारित शुल्क देकर या ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित कैंप में कृषि विभाग के कार्मिक, लेखपाल, पंचायत सहायक एवं रोजगार सेवक की सहायता से भी पंजीकरण कराया जा सकता है.
रजिस्ट्री के लिए आधारकार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर (ओटीपी के लिए) और भूमि अभिलेख खसराखतौनी की प्रति जरूरी होगी.





