Weather News: इस बार 25 मई से नौतपा के दिन शुरू हो चुके हैं जिसके चलते 9 दिन तक प्रचंड गरमी का मौसम रह सकता है. तीखी धूप और तापमान में तेजी रहेगी और लू भी चलेगी. देश के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी है. हालांकि, अगले कुछ दिनों में बारिश गर्मी से थोड़ी राहत दे सकती है. आइए जानते हैं कि क्या है नौतपा और इसका क्या होता है मौसम पर असर?

आखिर नौतपा है क्या?

नौतपा यानी 9 दिन तपने वाले दिन होते हैं. नौतपा के दौरान सूरज पृथ्वी के काफी नजदीक आ जाता है और इस दौरान सूरज की किरणें सीधे धरती पर पहुंचती हैं, जिसका 9 दिनों तक सबसे ज्यादा प्रभाव रहता है और प्रचंड गर्मी पड़ती है. तेज धूप निकलती है. इस बार नौतपा 25 मई से शुरू होकर 3 जून तक रहेगा.

क्या कहते हैं कवि घाघ

नौतपा को लेकर कवि घाघ की एक कहावत बहुत मशहूर है, जो इस प्रकार है :

‘जेठ मास जो तपे निरासा, तब जानों बरसा की आसा,
तपै नवतपा नव दिन जोय, तौ पुन बरखा पूरन होय.’

घाघ कवि लिखते हैं कि यदि ज्येष्ठ माह में नौतपा खूब गर्म होते हैं तो उस साल बारिश जमकर होती है. यदि नौतपा नहीं तपते हैं तो फिर मानसूनी बारिश अच्छी नहीं होती है.

इन दिनों कैसा रहेगा मौसम

गर्मी के इन खास दिनों में दिल्ली-एनसीआर में गर्मी के तेवर अभी तेज रहेंगे और आने वाले दिनों में भीषण गर्मी का सामना करना होगा. हालांकि, मौसम विभाग के मुताबिक, 28 मई की शाम से पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम बदल सकता है और हल्की बारिश भी हो सकती है. इससे तापमान में गिरावट आ सकती है.

नौतपा में तपते प्रदेश

इस बार उत्तर प्रदेश एनसीआर में रिकार्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है. राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड, हरियाणा भी भीषण गरमी की चपेट में हैं. खासकर बांदा में तो अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक पर पहुंच चुका है. इस वजह से बांदा दुनिया में चर्चित हो गया है. प्रयागराज तपने वाले शहरों में दूसरे नंबर पर है. यहां का तापमान भी कई बार 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. इसके अलावा आगरा, हमीरपुर, झांसी और उरई समेत कई जिले भीषण गर्मी की तपिश में झुलस रहे हैं.

नौतपा और मौसम का तालमेल

बताया जाता है कि ये 9 दिन जितना ज्यादा तपेंगे उतना ही मानसून अच्छा रहेगा. इसे आप ऐसे मान सकते हैं कि यदि 9 दिनों तक ज्यादा गर्मी पड़ेगी तो ज्यादा वाष्पीकरण होगा जो बाद में यह बादल बनकर मानसून के रूप में बरसेंगे. इस वजह से नौतपा की गर्मी के आधार पर मानसूनी बारिश का अनुमान भी लगाया जाता है.

नौतपा है खेती के लिए लाभकारी

किसानों का मामना है कि नौतपा का आना खेती के लिए बेहद फायदेमंद है. नौतपा जितना अधिक तपता है खेती के लिए उतना ही अधिक लाभकारी है. नौतपा के दिनों में चूहे, कीड़ेमकोड़े और खेती को नुकसान पहुंचाने वाले कीट बड़ी संख्या में मरते हैं. इस वजह से किसानों की फसल सुरक्षित रहती है. यह खेती के लिए कुदरत का बेहतरीन मैनेजमेंट है, जो प्राकृतिक रूप से होता है.

नौतपा में तपती धरती और नजदीक आता मानसून

नौतपा आने के बाद यह आगाज हो जाता है कि मानसून आने वाला है . जैसे-जैसे नौतपा तपते जाते हैं वैसे-वैसे मानसून के दिन नजदीक आते जाते हैं.

तपती गरमी से बचाव भी जरूरी

देखा जाए तो भारत विभिन्न जलवायु वाला देश है. जहां हर मौसम का आनंद लिया जाता है और इन दिनों नौतपा के दिनों में पड़ती भीषण गर्मी से सेहत को सुरक्षित रखना भी जरूरी है, इसलिए शरीर में पानी की कमी न होने दें, धूप और लू से बचकर रहें. पशुओं का विशेष ध्यान रखें. जरूरत पड़ने पर चिकित्सक से भी सलाह लें. Weather News

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