किसानों के लिए जमीन अधिग्रहण और पशुपालन से जुड़ी दो महत्वपूर्ण घोषणाएँ सामने आई हैं. म. प्र.के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के 71वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान कहा कि विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए किसानों की जमीन लेने पर उन्हें जमीन के मूल्य का चार गुना मुआवजा (Compensation) देने का निर्णय लिया गया है. इसके साथ ही राज्य सरकार ने दुग्ध उत्पादन में देश में पहले स्थान पर पहुंचने का लक्ष्य भी रखा है.
किसानों को मिलेगा उनकी ज़मीन पर चार गुना मुआवजा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में हुए कार्यक्रम में कहा कि, राज्य में विकास कार्यों के लिए किसानों की जमीन जब ली जाएगी, तो उन्हें मुआवजे के रूप में चार गुना राशि दी जाएगी.
इस फैसले का मकसद है कि जमीन देने वाले किसानों को ज्यादा आर्थिक लाभ मिले.
परंतु मुआवजे की वैधता और मात्रा अधिग्रहण के नियमों पर निर्भर करेगी. इसलिए किसानों को जरूर नियमों के बारे में जानकारी लेनी चाहिए.
दूध उत्पादन में राज्य बने नंबर – 1
मध्य प्रदेश अभी देश में दूध उत्पादन में तीसरे नंबर पर है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में दूध के उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है और सरकार इसे देश में पहले नंबर पर लाने की कोशिश कर रही है. इसके लिए पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जा रहा है. इससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार बढ़ सकता है और किसानों की आय में भी वृद्धि हो सकती है.
सरकार का फोकस अब कृषि विकास पर
वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में और 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है. राज्य की कृषि विकास का दर 24 प्रतिशत से ज्यादा है. साथ ही सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि, विगत वर्षों में 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतरा है. इसके साथ ही एमएसएमई क्षेत्र को 490 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा रही है.
सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, मध्य प्रदेश सरकार का ध्यान किसानों को अच्छा मुआवजा देने, कृषि के विकास में मदद करने, सिंचाई के विस्तार के साथ ही पशुपालन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर है.Compensation





