हिसार : चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में भूदृश्य संरचना इकाई द्वारा संपदा कार्यालय के सामने विश्व पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में पौध रोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कंबोज कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे. उन्होंने कार्यक्रम में पौध रोपण कर के ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ पर सभी को पौध रोपण करने के लिए प्रेरित किया.

कुलपति प्रो. बीआर कंबोज ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 22 अप्रैल को ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ मनाया जाता है, पहली बार 22 अप्रैल, 1970 को ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ मनाया गया था. इस वर्ष पृथ्वी दिवस का थीम ‘प्लेनेट बनाम प्लास्टिक’ है, जिस का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक प्रदूषण से प्रकृति को होने वाले नुकसान के बारे में सचेत करना है.

एक अनुमान के मुताबिक, 90 फीसदी प्लास्टिक रिसाइकिल नहीं हो पाता है, जो पर्यावरण के लिए घातक है. प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के कारण पर्यावरण में असंतुलन बढ़ रहा है, जिस की वजह से स्थिति  दयनीय होती जा रही है.

उन्होंने कहा कि पृथ्वी को प्रदूषणरहित रखना हम सभी का कर्तव्य है. ऐसे में हमें पृथ्वी के प्रति अपने कर्तव्यों को समझना पड़ेगा और इसे बेहतर बनाने में योगदान देना होगा.

उन्होंने आगे यह भी कहा कि लगातार पेड़ों की कटाई, प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन, रासायनिक खाद व कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग व प्लास्टिक के प्रयोग से हमारी धरती का स्वरूप एवं पर्यावरण दूषित होता जा रहा है. ऐसे में इसे बचाए रखने के लिए समाज को अहम कदम उठाते हुए सामूहिक प्रयास की जरूरत है.

प्रो. बीआर कंबोज ने कहा कि दिनप्रतिदिन बढ़ते जा रहे पर्यावरण प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए पौध रोपण करना बहुत जरूरी है. पृथ्वी को स्वस्थ व पहले की तरह बनाने के लिए हम सभी का कर्तव्य है कि अपनी धरती को हराभरा और बेहतर बनाने का संकल्प लेना पड़ेगा, ताकि संसार के सभी पेड़पौधों पशुपक्षियों एवं जंतुओं की जैव विविधता का संरक्षण किया जा सके.

‘विश्व पृथ्वी दिवस’ पर जकरंदा के 200 पौधे किए रोपित

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के भूदृश्य संरचना इकाई के अध्यक्ष डा. पवन कुमार ने बताया कि पौध रोपण कार्यक्रम के तहत जकरंदा के 200 पौधे रोपित किए गए. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, निदेशक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और पौध रोपण भी किया.

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