Loan for Poultry Farming : सरकार ज्यादा से ज्यादा ऐसे रोजगार को बढ़ावा देना चाहती है जिस से बेरोजगारी खत्म हो और लोगों की आय बढ़े. मुरगीपालन के लिए भी सरकार द्वारा लोन दिया जाता है. इस तरह के कारोबार पर 75 फीसदी तक बैंक द्वारा लोन दिया जाता है.
यदि आप सामान्य वर्ग से हैं तो आप को 25 फीसदी की छूट मिलेगी और अगर एससी या एसटी से हैं तो 33 फीसदी तक की छूट मिलेगी. हर राज्य के मुताबिक अलगअलग छूट भी हो सकती है क्योंकि हर राज्य में लोन के लिए अलगअलग योजनाएं होती हैं.
किस व्यक्ति को मिलता है लोन :
लोन लेने के लिए बैंक की भी कुछ शर्तें होती हैं. इन्हें पूरा करने पर ही आप का लोन पास हो पाएगा. जैसे आप को मुरगीपालन की ट्रेनिंग लेनी होगी. जिस का प्रमाणपत्र आप को देना होगा.
आप जहां मुरगीपालन करना चाहते हैं, वहां आपसपास कोई दूसरा मुरगीपालक तो नहीं है. इस के अलावा आप को जमानती भी तैयार करना होगा. किसी कारण से आप लोन नहीं चुका पाते हैं तो उस की जिम्मेदारी जमानती की होती है. अगर आप के ऊपर पहले कोई बैंक से लोन चल रहा है तो पहले वह आप को चुकता करना होगा. अगर आप ने पहले कभी लोन लिया है और समय से चुकता किया है तो आप को बैंक अगली बार आसानी से लोन दे देता है. खेतीबारी से जुड़े लोगों के लिए यह बैंक काफी महत्त्वपूर्ण हैं. आज अनेक लोग नाबार्ड से जुड़ कर अपनी इकाई लगा कर या खेती से जुड़े कारोबार को कर रहे हैं.
कुछ बैंक आमतौर पर 5 सालों की समयसीमा के लिए ही लोन देते हैं जिसे समयसीमा में ही चुकाना होता है. हालात को देखते हुए कभीकभी बैंक 6 माह की अतिरिक्त छूट भी दे देता है.
सरकारी संस्था नाबार्ड (नैशनल बैंक फौर एग्रीकल्चर ऐंड रूरल डेवलपमैंट) द्वारा भी इस तरह के कारोबार के लिए लोन दिया जाता है.
मुरगीपालन कहां से लें ट्रैनिंग :
उकेंद्रीय अनुसंधान संस्थान, बरेली, उत्तर प्रदेश के मुरगीपालन केंद्र से आप एक हफ्ते की ट्रेनिंग ले सकते हैं. यहां से ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपना आवेदन मुरगीपालन केंद्र की ईमेल पर भेजना होगा.
इस के अलावा सरकारी मुरगीपालन केंद्र (ट्रेनिंग सैंटर) हरियाणा और पंजाब की राजधानी चंड़ीगढ़ में भी है. पौल्ट्री फार्मिंग ट्रेनिंग सैंटर कर्नाटक राज्य में बैंगलुरु में भी है. दक्षिण राज्यों के लोग यहां से ट्रेनिंग ले सकते हैं.
पश्चिमी राज्यों में ट्रेनिंग लेने के लिए महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से या सीपीडीओ, भुवनेश्वर से भी ट्रेनिंग ली जा सकती है. इस के अलावा अनेक स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्था इस तरह की ट्रेनिंग देते हैं. जिले के कृषि विज्ञान केंद्रों पर भी पशुपालन विभाग द्वारा समयसमय पर ट्रेनिंग दी जाती है. इस के लिए आप अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र पर संपर्क करें.





