जिस जमीन को देखकर किसान माथा पकड़ लेता था, उसी जमीन ने अब कमाई का नया रास्ता दिखा दिया है. हरियाणा में जहां पानी खारा है और गेहूं-सरसों नहीं होती, वहां अब सफेद झींगा पालन (Shrimp Farming) हो रहा है. और इस काम में सरकार किसान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है.

बिजली के बिल अब सरदर्द नहीं, मोटर चलेगी सिर्फ 10 पैसे में

मछली और झींगा पालन में सबसे बड़ा खर्चा बिजली का होता है. तालाब में साफ पानी रखने के लिए मोटर दिनरात चलती है. पहले 6 रुपये यूनिट बिजली से बिल हजारों में आता था लेकिन अब उस के लिए केवल 10 पैसे प्रति यूनिट देना होगा.

कृषि मंत्री का बड़ा बयान

16 अक्टूबर को कृषि एवं मत्स्य मंत्री श्याम सिंह राणा ने बड़ा एलान किया. अब कृषि फीडर से बिजली लेने वाले मछली-झींगा पालकों को अब सिर्फ 10 पैसे प्रति यूनिट बिजली देनी होगी. यानी अब मोटर चलाओ बेफिक्र, बिल का डर खत्म.

तालाब बनाने से लेकर झींगा पालन तक बंपर सब्सिडी

किसान पैसों की कमी से पीछे हटे इसलिए तालाब बनाने से लेकर सरकार झींगा पालने तक सब पर बंपर सब्सिडी दे रही है.

खारे पानी में झींगा पालन के लिए एक हेक्टेयर में करीब 6 लाख का खर्च आता है. इसमें सामान्य किसान को 2.40 लाख और SC/ST, महिला किसानों को 3.60 लाख तक सरकार देगी. नया तालाब खोदने पर तो मदद और भी ज्यादा है. 8 लाख की लागत पर 4.80 लाख तक सब्सिडी. साथ में तालाब में पॉलीथिन और सोलर सिस्टम लगाने पर भी 60 प्रतिशत तक मदद मिलेगी.

हक़ीकत बन रही कहानी

ये कहानी सिर्फ कागज पर नहीं है. सिरसा में किसान कब से खारे पानी में झींगा पालकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं. अब सरकार चाहती है कि हिसार, भिवानी, झज्जर और सोनीपत के खारे पानी वाले किसान भी यही करें.

बस एक बात का ध्यान रखें, हर खारे पानी में झींगा नहीं पलेगा. तालाब खोदने से पहले अपनी मिट्टी और पानी की जांच जरूर कराएं. विभाग की लैब में ये जांच मुफ्त होती है.

बेचने की चिंता भी खत्म: बन रहीं मंडी और प्रोसेसिंग यूनिट

किसान अक्सर सोचता है, पाल तो लूंगा, बेचूंगा कहां? लेकिन अब सरकार ने इसका भी हल निकाल दिया है. हिसार और फरीदाबाद में आधुनिक AC वाली मछली मंडियां बन रही हैं. करनाल में प्रोसेसिंग फैक्ट्री लग रही है, जहां से झींगा पैक होकर बड़ी कंपनियों तक जाएगा.

योजना का लाभ कब और कैसे मिलेगा ?

आप अपने जिले के मत्स्य पालन अधिकारी के पास जाना होगा , जहां आधार कार्ड , जमीन की फर्द और बैंक की पासबुक साथ ले जानी होगी. वहीं आपको ट्रेनिंग से लेकर सब्सिडी तक की पूरी जानकारी मिल जाएगी. इसके अलावा ऑनलाइन जानकारी के लिए http://harfish.gov.in या http://saralharyana.gov.in देख सकते हैं.

याद रखिए, बिना ट्रेनिंग के तालाब में मत कूदिए. मात्र कुछ दिन की ट्रेनिंग लेकर ही काम शुरू कीजिए, तभी खारी जमीन सच में सोना उगलेगी.

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