Livestock Farming-
मुर्रा नस्ल की भैंस अधिक दूध उत्पादन के लिए पूरे देश में मशहूर है. लेकिन इस की अधिक कीमत के कारण छोटे पशुपालक इसे खरीद नहीं पाते थे. अब सरकार की इस योजना से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी.
इस योजना की शुरुआत मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से हो चुकी है. राज्य सरकार की समुन्नत पशु प्रजनन योजना के तहत अब पशुपालकों को सब्सिडी पर मुर्रा नस्ल का भैंसा दिया जा रहा है.
कितनी मिलेगी सब्सिडी
पशुपालन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस योजना में मुर्रा नस्ल के भैंसे की कुल लागत 60,000 रुपये तय की गई है. इस में से 75 प्रतिशत यानी 45,000 रुपए सरकार अनुदान के रूप में देगी. पशुपालक को केवल 25 प्रतिशत यानी 15,000 रुपए ही अपनी जेब से देने होंगे.
क्या है योजना का मुख्य उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य भैंसों की नस्ल में सुधार करना है. मुर्रा भैंसे के उपयोग से आने वाली पीढ़ी में बेहतर आनुवंशिक गुण आएंगे, जिस से दूध उत्पादन में बढ़ोतरी होगी. लंबे समय में इस का सीधा फायदा पशुपालकों की आय में होगा.
सरकार लगातार नस्ल सुधार के लिए ऐसी योजनाएं चला रही है, ताकि पशुपालकों को गांव में ही बेहतर प्रजनन सुविधा मिल सके.
योजना का लाभ कैसे मिलेगा
जो भी पशुपालक इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या जिला पशुपालन विभाग के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं. वहां से उन्हें पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की पूरी जानकारी मिल जाएगी.
इच्छुक पशुपालक जल्द से जल्द आवेदन कर इस सुनहरे मौके का लाभ उठा सकते हैं, क्योंकि आज के समय में डेयरी कारोबार मुनाफे का कारोबार बन चुका है. Livestock Farming





