मेहनत को किया सलाम, किसानों को मिले अवार्ड
“मेहनत उगी जब खेतों में , तो फसल बनकर लहराई है,
किसानों का हुआ सम्मान तो , धरती भी मुस्काई है……”
FNF Awards: बिहार और झारखण्ड के सुदूर क्षेत्रों से सुबह निकले किसान, जब ज्ञान भवन, गाँधी मैदान पहुंचे तो कृषि सम्मान अवार्ड के भव्य आयोजन का हिस्सा बनें. किसानों ,ने जीते अवार्ड, सहकारिता मंत्री, कृषि और बागवानी निदेशकों का हुआ उद्बोधन और किसानों को मिला तकनीकों और योजनाओ का ज्ञान, यह नज़ारा 17 मार्च को दिखा फार्म एन फूड कृषि सम्मान अवार्ड समारोह (FNF Awards) में. यह कार्यक्रम बिहार की राजधानी पटना में आयोजित हुआ.
दिल्ली प्रेस के संपादक और प्रकाशक परेश नाथ ने स्वागत भाषण में कहा कि, दिल्ली प्रेस की पत्रिका फार्म एन फूड का ध्येय है कि किसानों को आसान भाषा में कृषि की नवीनतम जानकारी दी जाए, जिस में नवाचारों, फूड प्रोसेसिंग, मशीनरी आदि पर फोकस किया जाता है. किसान देश की रीढ़ हैं, जिन्हें और ज्यादा मजबूत करने की जरूरत है और अब कृषि को रोजगार बनाने का समय आ गया है.

सहकारिता मंत्री ने किया संबोधित
बिहार के किसान मखाने की खेती में आगे बढ़ रहें हैं. तेल उत्पादन में भी बिहार के किसानों को आगे आना चाहिए. आप सभी का साथ देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता है. सहकार से ही समृद्धि संभव है इसलिए सहकारी समितियों को किसानों के साथ मिलकर कार्य करते रहना चाहिए, यह बात डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी सहकारिता, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री, बिहार ने किसानों को संबोधित करते हुए कही.
कृषि योजनाओं का लाभ लेते रहें किसान
सौरभ सुमन यादव IAS, निदेशक, कृषि विभाग, बिहार ने किसानों की उपलब्धियों के लिए उनको बधाई दी. उन्होंने कहा कि, बिहार के किसान आगे बढ रहें हैं पर साथ ही खेती में नवीन तकनीकों का प्रयोग करें. और कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेते रहें.
अधिक आमदनी के लिए बागवानी की ओर रुख करें
अभिषेक कुमार IFS, निदेशक, बागवानी निदेशालय, बिहार ने किसानों को कहा कि- “पारंपरिक खेती करते किसान बागवानी फसलों जैसे ड्रैगन फ्रूट, स्ट्राबेरी आदि फलों के साथ ही सब्जियों की खेती करें. इससे भी नियमित और अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है. बागवानी विभाग किसानों को योजनाओं की जानकारी पहुँचाने के लिए हर जिले, हर प्रखंड में ओर बेहतर कार्य करने का प्रयास कर रहा है. हमारे अधिकारी आप सबको आगामी प्रयासों की जानकारी देने हर गाँव तक आएंगे.”
प्रगतिशील किसानों को मिला राज्य स्तरीय सम्मान
बिहार और झारखंड के किसानों, वैज्ञानिकों और कृषि से जुड़ी संस्थाओं को 16 श्रेणियों में 38 पुरस्कार प्रदान किए गए. खेती में नवाचार, तकनीक और सतत कृषि मॉडल के माध्यम से मिसाल कायम करने और कृषि से जुड़े दूसरे लोगों को भी प्रेरित किया है ऐसे कृषि क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले किसानों , वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया. पूरी लिस्ट इस तरह है-
पश्चिमी चंपारण (बिहार) के आर्यन कुमार और बांका (बिहार) की बिनीता कुमारी को बेस्ट यंग फार्मर अवार्ड, नालंदा (बिहार) की मधु पटेल और लोहरदगा (झारखंड) की एम्लेन कंदुलना को बेस्ट फीमेल फार्मर अवार्ड, मुजफ्फरपुर (बिहार) के सोनू निगम कुमार, पश्चिमी चंपारण (बिहार) के परशुराम सिंह और नालंदा (बिहार) की अनीता कुमारी को बेस्ट फार्मर इन इनोवेटिव फार्मिंग अवार्ड, मुजफ्फरपुर (बिहार) के राजेश रंजन कुमार और कटिहार (बिहार) के पंचलाल मंडल को बेस्ट फार्मर इन आर्गेनिक/नेचुरल फार्मिंग अवार्ड दिया गया.
भागलपुर (बिहार) के राकेश कुमार सिंह और कटिहार (बिहार) की कुमारी प्रीति को बेस्ट फार्मर इन हार्वेस्टिंग एंड प्रोसेसिंग अवार्ड, गोपालगंज (बिहार) के मनीष कुमार तिवारी को बेस्ट फार्मर इन इंटीग्रेटेड फार्मिंग अवार्ड, मुजफ्फरपुर (बिहार) के राकेश कुमार और पटना (बिहार) के सुधांशु कुमार को बेस्ट फार्मर इन मैकेनाइजेशन अवार्ड, बांका (बिहार) की वंदना कुमारी को बेस्ट डेयरी/एनिमल कीपर अवार्ड, मुजफ्फरपुर (बिहार) के अभिषेक रंजन को बेस्ट बी कीपर फार्मर अवार्ड, रांची (झारखंड) के विकाश कुमार चौधरी और बांका (बिहार) की कुमारी राखी सिन्हा को बेस्ट पोल्ट्री/हेचरी फार्मर अवार्ड प्रदान किया गया.FNF Awards
बक्सर (बिहार) के विनोद कुमार सिंह और रोहतास (बिहार) के अर्जुन सिंह को बेस्ट फार्मर अवार्ड इन मार्केटिंग अवार्ड, समस्तीपुर (बिहार) की डा. सुनीता कुशवाह, मुजफ्फरपुर (बिहार) के डा. तरुण कुमार, बक्सर (बिहार) के डा. रघुबर साहू, समस्तीपुर (बिहार ) की डा. संचिता घोष, समस्तीपुर (बिहार) के डा. रविंद्र कुमार तिवारी, भागलपुर (बिहार) के डा. प्रदीप कुमार और रांची (झारखंड) के डा. महेश कुमार धाकड़ को बेस्ट रिसर्च अवार्ड इन फार्मिंग सिस्टम अवार्ड, मधुबनी (बिहार) के डा. बसंत कुमार को बेस्ट इंटरप्रेन्योरियल स्किल्स इन लाइवस्टाक फार्मिंग अवार्ड, समस्तीपुर (बिहार), पश्चिमी चंपारण (बिहार) और नालंदा (बिहार) को बेस्ट कृषि विज्ञान केंद्र अवार्ड, नालंदा (बिहार) की माधोपुर फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, घाघरा (झारखंड) की घाघरा वुमन फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और रोहतास (बिहार) की मुंडेश्वरी फेड फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को बेस्ट एफपीओ अवार्ड दिया गया.
भागलपुर (बिहार) के मनीष मिश्रा को बेस्ट एग्री एंड डवलपमेंट जर्नलिस्ट अवार्ड, मुजफ्फरपुर (बिहार) के रौशन कुमार को बेस्ट एग्री जर्नलिस्ट अवार्ड, पटना के अमरजीत कुमार सिन्हा और रामजीत शर्मा को पुरस्कृत किया गया.FNF Awards
कृषि नवाचार को मिल रही नई पहचान
फार्म एन फूड कृषि सम्मान अवार्ड 2026 ने यह साबित किया है कि देश के किसान आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती, वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के जरिए कृषि को लाभकारी बना रहे हैं. यह सम्मान न केवल किसानों के मनोबल को बढ़ाता है, बल्कि अन्य किसानों को भी नवाचार के लिए प्रेरित करता है.
दिल्ली प्रेस आठ दशक से ज्यादा समय से 9 भाषाओँ ,में 30 पत्रिकाएँ प्रकाशित कर रहा है. जिनमे फार्म एन फ़ूड , गृहशोभा, सरस सलिल, चम्पक, सरिता, कारवां, मोटरिंग आदि प्रमुख है, जो पाठकों की पसंदीदा पत्रिकाएँ है. वेबसाइट, सोशल मीडिया और इवेंट्स के माध्यम से दिल्ली प्रेस देशभर के मीडिया में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवा रहा हैं.
दिल्ली प्रेस के फार्म एन फूड मीडिया का ध्येय है कि किसानों को आसान भाषा में कृषि की नवीनतम जानकारी दी जाए, जिस में नवाचारों, फूड प्रोसेसिंग, मशीनरी आदि पर फोकस किया जाता है. किसान देश की रीढ़ हैं, जिन्हें और ज्यादा मजबूत करने की जरूरत है. फार्म एन फ़ूड कृषि सम्मान अवार्ड उत्तर प्रदेश, उतराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में आयोजित हुआ है. इसी क्रम में बिहार, झारखण्ड में कार्यक्रम आयोजित हुआ. इस वर्ष यह अवार्ड उत्तर प्रदेश में द्वितीय संस्करण के साथ ही, महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी आयोजित होगा.FNF Awards
कंपनियों ने की सहभागिता
यह अवार्ड कार्यक्रम इफको एम.सी.-क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा पावर्ड बाय रहा और इस कार्यक्रम के एसोसिएट एपीडा और एन.सी.डी.सी. रहे. इनके बिहार प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में शिरकत की.
इस अवसर पर ICAR – IARI पूसा, दिल्ली के वैज्ञानिक नफीस अहमद और अनंत नाथ, कार्यकारी प्रकाशक , दिल्ली प्रेस ने भी किसानों को संबोधित किया. 200 से अधिक किसानों, कृषि वैज्ञानिकों आदि की उपस्थिति रही. फार्म एन फूड कृषि सम्मान अवार्ड ने बिहार और झारखण्ड के किसानों के दिल में जगह बनाई और किसानों की मेहनत को ऊंचाईयां प्रदान की.





