Rabi Maize-

मक्का की अच्छी पैदावार के लिए सही समय पर बोआई, उन्नत बीज और संतुलित खाद जरूरी है.

मक्का देश की प्रमुख अनाज फसलों में शामिल है. इस की खेती खरीफ और रबी दोनों मौसमों में की जाती है. खरीफ मक्का की बोआई आमतौर पर मानसून की शुरुआत में होती है, जबकि रबी मक्का की बोआई अक्तूबर से नवंबर तक की जाती है. रबी मौसम में मक्का की अच्छी पैदावार लेने के लिए खेत की तैयारी, बीज का चुनाव और खाद का सही प्रबंधन जरूरी है.

मक्का फसल की तैयारी और मिट्टी जांच

इस समय रबी मक्का की बोआई की तैयारी कर रहे किसानों को खाद और बीज का इंतजाम पहले से कर लेना चाहिए. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, मिट्टी की जांच के आधार पर उर्वरकों का इस्तेमाल करने से फसल को जरूरत के अनुसार पोषण मिलता है और खेती की लागत को कम करने में मदद मिलती है.

कैसी मिट्टी में करें मक्का की खेती

मक्का की खेती के लिए दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है. खेत में पानी निकासी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए, क्योंकि पानी भरने से फसल खराब हो सकती है.

कैसे करें खेत की तैयारी?

पहले खेत की 1-2 बार जुताई करें. इस के बाद पाटा लगा कर मिट्टी को भुरभुरा और समतल बना लें. यदि खेत में नमी कम है, तो जरूरत के अनुसार हलकी सिंचाई कर के खेत तैयार करें.

एक हेक्टेयर में कितनी खाद और उर्वरक डालें?

मक्का की फसल को नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और सल्फर जैसे पोषक तत्वों की जरूरत होती है. इन की सही मात्रा मिट्टी की जांच और मक्का की किस्म के अनुसार तय करनी चाहिए.

बोआई के समय फास्फोरस, पोटाश और सल्फर की जरूरत के अनुसार मात्रा खेत में डालें.

नाइट्रोजन वाली खाद को एकसाथ डालने के बजाय अलगअलग चरणों में देना बेहतर रहता है.

बोआई के करीब 30-35 दिन बाद, जब पौधे घुटने तक ऊंचे हो जाएं, तब जरूरत के अनुसार यूरिया की टौप ड्रैसिंग करें.

जिन खेतों में जिंक की कमी हो, वहां मिट्टी की जांच और कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार जिंक सल्फेट डालें.

कब करें रबी मक्का की बोआई?

रबी मक्का की बोआई का उचित समय 15 अक्तोबर से 15 नवंबर तक माना जाता है. हालांकि, क्षेत्र की जलवायु, तापमान और किस्म के अनुसार समय में बदलाव हो सकता है. किसानों को अपने क्षेत्र के कृषि विज्ञान केंद्र की सलाह के अनुसार बोआई करनी चाहिए.

बोआई के समय कतार से कतार की दूरी करीब 60 सैंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 20-25 सैंटीमीटर रखें. इस से पौधों को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है.

खरीफ और रबी मक्का फसल में क्या है अंतर?

खरीफ मक्का की खेती मुख्य रूप से बारिश के मौसम में की जाती है. इस की बोआई आमतौर पर जूनजुलाई में होती है. वहीं, रबी मक्का की बोआई अक्तूबरनवंबर में की जाती है. रबी मौसम में फसल को जरूरत के अनुसार सिंचाई उपलब्ध कराना जरूरी होता है, जबकि खरीफ मक्का की बढ़वार पर बारिश का काफी असर पड़ता है.

अच्छा बीज, संतुलित खाद और खरपतवार नियंत्रण जरूरी

दोनों मौसमों में अच्छी पैदावार के लिए उपयुक्त किस्म, संतुलित खाद और खरपतवार नियंत्रण जरूरी हैं. किसानों को अपने क्षेत्र की जलवायु और सिंचाई की उपलब्धता के अनुसार मौसम का चुनाव करना चाहिए.

मक्का की कौन सी किस्में चुनें?

मक्का की किस्म का चुनाव खेती के उद्देश्य और क्षेत्र के मौसम के अनुसार करना चाहिए.

# दाने वाली मक्का : एचक्यूपीएम-1.

# स्वीटकौर्न : प्रिया स्वीटकौर्न और माधुरी स्वीटकौर्न.

# हरे चारे के लिए : अफ्रीकन टौल और जे-1006.

# ठंड सहन करने वाली किस्में : जीके 3150 हाईब्रिड और शालीमार मक्का हाईब्रिड-4 को अपने क्षेत्र के अनुसार जानकारी ले कर लगाया जा सकता है. बोआई से पहले बीज उपचार जरूर करें.

खरपतवार की रोकथाम जरूरी

मक्का की बढ़वार के दौरान खरपतवार अधिक पनपते हैं, इसलिए समय पर निराईगुड़ाई जरूरी है.
पहली निराईगुड़ाई बोआई के 20-25 दिन बाद करें. जरूरत के अनुसार दोबारा निराईगुड़ाई की जा सकती है.

अच्छी पैदावार के लिए जरूरी बातें

रबी हो या खरीफ, मक्का की अच्छी पैदावार के लिए सही समय पर बोआई, उपयुक्त बीज, संतुलित खाद और समय पर खरपतवार नियंत्रण जरूरी है. रबी मक्का में जरूरत के अनुसार सिंचाई करें. खासकर फूल आने और दाना भरने के समय पानी की कमी से उपज प्रभावित हो सकती है. Rabi Maize

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