Vegetable Seeds-

अच्छी फसल के लिए अच्छे व शुद्ध बीजों का होना बहुत जरूरी है. इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि बीजों की शुद्धता व जमाव की जांच कर ली जाए. आमतौर पर जिस संस्था या कंपनी से बीज खरीदे जाते हैं वह बिक्री से पहले इन बातों की जांच कर लेती है, किंतु किसानों को भी इस की जानकारी होनी चाहिए, जिस से जरूरत पड़ने पर या अपने द्वारा तैयार बीजों की भी जांच कर सकें

जांच का तरीका :

सब से पहले बीज के ढेर, बोरी या अन्य तरह के भंडारित बीज में से कई नमूने लेते हैं जिन्हें प्राथमिक नमूना कहते हैं. 500 किलोग्राम तक अनाज से कम से कम 5 प्राथमिक नमूने, 501 से 3000 किलोग्राम तक हर 300 किलोग्राम पर एक नमूना लेकिन कम से कम 10 नमूने और 20001 किलोग्राम और उस के ऊपर की मात्रा के लिए हर 700 किलोग्राम पर एक नमूना, लेकिन कम से कम 40 प्राथमिक नमूने लेने होते हैं.

लगभग एक जैसे इन प्राथमिक नमूनों को आपस में मिला देते हैं जिसे कंपोजिट नमूना कहते हैं. इस कंपोजिट नमूने को 2 हिस्सों में कर देते हैं. इस तरह से मिली आधी मात्रा को फिर आधा करते जाते हैं जब तक कि जमा नमूने योग्य मात्रा में न रह जाएं. जमा नमूना उसे कहते हैं जिस में से काम लायक नमूना ले कर जांच में इस्तेमाल करते हैं.

इस तरह से अलग किए गए काम योग्य नमूने को इस के विभिन्न अवयवों जैसे शुद्ध बीज, दूसरी फसलों के बीज खरपतवार के बीज और फालतू पदार्थों से अलग कर लेते हैं. इस तरह हटाई चीजों का अलगअलग वजन ले लेते हैं. बीजों की आतिशी शीशे के द्वारा भी जांच करते हैं जिस से किसी तरह की अशुद्धता का पता लग सके. अलगअलग की गई फालतू की चीजों का वजन ले लेने पर बीज की शुद्धता का फीसदी पता चल जाता है. अगर किस्म विशेष के बीज की फीसदी मात्रा 98 या उस से अधिक हो तो बीज बहुत शुद्ध माना जाता है.

आनुवंशिक शुद्धता

आनुवंशिक शुद्धता जानने के लिए आधुनिक यंत्रों व इलैक्ट्रोफोरेसिस का इस्तेमाल किया जाता है जो कि किसी लैब से ही मुमकिन है. बीजों को उगा कर पौधों के गुणों की जांच कर के भी आनुवंशिक शुद्धता जानी जा सकती है. जांच में शामिल बीजों से तैयार किस्म विशेष के गुणों वाले पौधे तथा अन्य पौधों के फीसदी अनुपात से आनुवंशिक शुद्धता का आकलन किया जा सकता है.

बीजों का जमाव : बीजों की क्वालिटी जांचने का यह सब से अहम तरीका है. बीजों की सामान्य पौध पैदा करने की क्षमता को जमाव के रूप में नापते हैं. खेतों में बीज की जांच कर के उस के परिणामों पर बहुत अधिक भरोसा नहीं किया जा सकता है, क्योंकि वहां इसे प्रभावित करने वाली कई वजहें हो सकती हैं. इसलिए लैब का विकास किया गया, जहां ये वजहें काबू में रहती हैं.

बीज नमूने की शुद्धता की जांच में जो बीज होते हैं, उन्हीं पर जमाव का परीक्षण किया जाता है. कम से कम 4 सौ बीज परीक्षण में होने चाहिए. सही नमी में बीजों के जमाव की जांच की जाती है और हर सब्जी के लिए तय समय के बाद जमाव की गिनती कर के जमाव फीसदी निकालते हैं. सामान्य जमाव के लिए कुछ हालात का होना जरूरी है जिन में सब से अहम है आधार, नमी, तापमान व रोशनी.

आधार : यह नमी के बैंक की तरह काम करता है और बीजों को जमने और बढ़ने के लिए माध्यम मुहैया करता है. कागज, बालू व मिट्टी जमाव में इस्तेमाल किए जाने वाले आधार हैं. फिल्टर कागज, सोख्ता कागज व जमाव कागज सब से अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले कागजी आधार हैं. बालू को आधार की तरह इस्तेमाल करने के लिए निर्जीवीकरण करना जरूरी है. मिट्टी को आमतौर पर जमाव जांच के लिए इस्तेमाल नहीं करते हैं, क्योंकि इस में खरपतवार के बीज, बैक्टीरिया, फफूंद, निमेटोड और दूसरे नुकसानदायक जीवों की संभावना अधिक होती है जोकि जमाव में रुकावट पैदा कर सकते हैं.

नमी : अंकुरण के लिए हाइड्रोलिसिस क्रिया होती है. बहुत अधिक नमी फफूंद की बढ़वार को बढ़ावा देती है और बीजों को सड़ा देती है. इसलिए जमाव जांच में इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि नमी तो रहे किंतु पानी न रहे.

तापमान : बीजों के जमाव के लिए सही तापमान का होना जरूरी है. हालांकि बीज जमाव में तापमान उतना अहम नहीं है, जितनी कि नमी होती है. सही नमी मिलने पर बीजों का जमाव हो जाता है. तय तापमान पर बीजों को जमाव के लिए रखने से जांच की विश्वसनीयता बनी रहती है.

रोशनी : रोशनी की मौजूदगी से जमाव आसान और जल्दी किया जा सकता है. वैसे कुछ ऐसी भी फसलें हैं, जिन के जमाव के लिए रोशनी की एकदम जरूरत नहीं होती है.

जमाव की विधि : जमाव जांच के लिए कई विधियां जैसे कागज के ऊपर, कागज के बीच में, रेत में होती है. अलगअलग बीजों के लिए अलगअलग विधियां तय की गई हैं. साधनों के मुताबिक इन में से किसी एक विधि से जमाव की जांच करते हैं.

जमाव की जांच : जमाव की जांच के लिए समय सीमा चुनी गई सब्जी के ऊपर निर्भर करती है और उसी के अनुसार यह निर्भर करता है कि अमुक बीज की जांच में कितने दिन लगेंगे.

इस समय सीमा में उगे बीज को गिनती में लिया जाता है. जमाव के बाद वे पौधे जिन में सभी जरूरी अंग हों, जैसा कि ऊपर बताया जा चुका है, उन्हें गिनगिन कर जांच में निकालते जाते हैं. अगर कोई अधिक सड़ागला पौधा दिखे तो उसे भी गिन कर बाहर कर देते हैं, लेकिन दूसरे असामान्य पौधों को अंतिम गिनती तक जांच में रहने देते हैं. जमाव जांच में गिनती किए गए सामान्य पौधों की संख्या के आधार पर इस्तेमाल किए गए बीजों का फीसद निकाल लेते हैं.

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