Chocolate Brownie : यह चौकलेट कोको से बनती है. कोको के पेड़ की खोज 2000 साल पहले अमेरिका के जंगलों में की गई थी. इस पेड़ की फलियों में जो बीज होते हैं, उन से चौकलेट बनाई जाती है. सब से पहले चौकलेट बनाने का काम मैक्सिको और मध्य अमेरिका के लोग करते थे.
साल 1528 में स्पेन ने जब मैक्सिको पर कब्जा किया तो वहां के राजा भारी मात्रा में कोको के बीजों और चौकलेट बनाने की मशीनें अपने साथ ले गए. तभी तो स्पेन में चौकलेट रईसों का फैशनेबल ड्रिंक बन गया.
चौकलेट में कुछ ऐसे तत्त्व होते हैं जो दुख, तकलीफ, अवसाद की भावनाओं को प्रभावित करते हैं. इस में कैफीन और थियोब्रोमीन होता है जिस से शरीर को ऊर्जा मिलती है.
इटली के एक यात्री फ्रैंसिस्को कारलेटी ने सब से पहले चौकलेट पर स्पेन के एकाधिकार को खत्म किया. उस ने मध्य अमेरिका के लोगों को चौकलेट बनाते देखा. वह चौकलेट को अपने देश इटली ले गया जहां उस का प्रचारप्रसार किया. अब दुनिया के दूसरे देशों में भी चौकलेट पहुंच गई है.
इटली, फ्रांस के बाद इंगलैंड के लोगों ने इस का प्रयोग करना शुरू किया. इस समय तक चौकलेट को केवल पीया ही जाता था.
पहले चौकलेट तीखी हुआ करती थी. इस को लोग पीते थे. अमेरिका के लोग कोको के बीजों को पीस कर उस में विभिन्न प्रकार के मसाले जैसे चिली बटर, वनीला वगैरह डाल कर एक स्पाइसी और झागदार तीखा पेय पदार्थ बनाते थे.
कड़वी नहीं रह गई चौकलेट
चौकलेट को मीठा बनाने का काम यूरोप ने किया, जिस ने चौकलेट से मिर्च हटा कर दूध और शक्कर डाली. चौकलेट को पीने की चीज के बजाय खाने की चीज में तबदील यूरोप ने ही किया. अंगरेज डाक्टर सर हैंस स्लोने ने दक्षिण अमेरिका का दौरा किया और खाने वाली चौकलेट की रैसिपी तैयार की. कैडबरी मिल्क चौकलेट की रैसिपी इन के द्वारा ही तैयार की गई थी.
आज चौकलेट पूरी दुनिया में अलगअलग तरह से प्रयोग की जा रही है. भारत में चौकलेट गुझिया तक तैयार हो गई है. इस के अलावा केक, आइसक्रीम और कुकीज जैसे बहुत सारे लोकप्रिय व्यंजन हैं, जो भारत में चौकलेट से तैयार होते हैं.
भारत में चौकलेट अब सब से ज्यादा पसंद किया जाने लगा है. घर से ले कर बाजार तक हर जगह इस को ले कर नए प्रयोग हो रहे हैं. गुझिया चौकलेट इस का उदाहरण है.
लखनऊ की डाइटिशियन स्वाति एस. अहलूवालिया कहती हैं, ‘‘भारत में चौकलेट के प्रयोग को हैल्दी बनाने के लिए इस को कई अलग तरह की डिश में तैयार किया जाता है. चौकलेट ब्राउनी सब से मशहूर है. भारत में खाने का टेस्ट पूरी दुनिया से अलग है. भारत में हैल्थ से अधिक स्वाद को देखा जाता है. इस वजह से खाने से जुड़ी तमाम बीमारियां यहां फैल रही हैं. अब भारत में खाने को टेस्टी के साथ हैल्दी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है. इस की वजह से चौकलेट में भी नएनए बदलाव हो रहे हैं.
भारत में चौकलेट के प्रयोग से तैयार होने वाले व्यंजनों की तादाद बढ़ गई है. अब मिठाई की दुकानों में ज्यादा कुकीज और बिसकुट को देखा जाने लगा है यानी बहुत से लोग इस का बिजनैस घरों से करने लगे हैं. ऐसे में चौकलेट से तैयार होने वाले व्यंजनों का कारोबार बढ़ रहा है. फैस्टिवल सीजन में ही नहीं, बल्कि शादी, जन्मदिन और खुशियों की दूसरी पार्टियों में चौकलेट का कारोबार बढ़ गया है.
चौकलेट ब्राउनी
चौकलेट ब्राउनी भारतीय व्यंजन है. यह कम समय में तैयार हो जाता है. 2 से 4 लोगों के लिए चौकलेट ब्राउनी तैयार करने में 15 मिनट का समय लगता है. यह पूरी तरह शाकाहारी है.
चौकलेट ब्राउनी को तैयार करने में लगने वाली चीजों में 2 कप मैदा, 2 बड़े चम्मच चीनी पाउडर, 2 बड़े चम्मच कोको पाउडर, 2 बड़े चम्मच दूध, 1 छोटा चम्मच तेल, 2 बड़े चम्मच कटे हुए मेवे जैसे काजू, बादाम, अखरोट, 2 बड़े चम्मच चौकलेट सिरप का इस्तेमाल किया जाता है.
चौकलेट ब्राउनी की विधि
सब से पहले एक कटोरे में मैदा, चीनी पाउडर, कोको पाउडर और सूखे मेवे डाल कर मिला लें. फिर इस में दूध, चौकलेट सिरप और तेल डाल कर अच्छी तरह मिक्स कर लें. अब इस बरतन को 2 मिनट के लिए माइक्रोवेव में 180 डिगरी सैल्सियस पर रख कर बेक कर लें. चौकलेट ब्राउनी तैयार है. थोड़ा ठंडा होने के बाद खाने के लिए यह तैयार है. मेवे का इस्तेमाल इस के स्वाद को बढ़ाता है. साथ ही, इस को टेस्टी और हैल्दी भी बनाता है.





