Drone Training. आजकल ड्रोन का इस्तेमाल खेती में दिनोंदिन बढ़ रहा है. अनेक कंपनियां भी किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर ड्रोन निर्माण का काम कर रही है. ड्रोन एक ऐसा तकनीकी यंत्र है जिसे इस्तेमाल करने के लिए बेसिक जानकारी भी होनी चाहिए. इसी दिशा में हुई एक खास पहल, जिसके तहत ड्रोन बनाना भी सिखाया गया और उसे कैसे उड़ाया जाता है, यह भी ट्रेनिंग दी गई.
वायु सैनिक कैंप में ड्रोन प्रशिक्षण
महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय उदयपुर में विगत दिनों 6 राज एयर स्क्वाड्रन एनसीसी, उदयपुर के तत्वावधान में सीटीएई परिसर में आयोजित प्री वायु सैनिक कैंप-1, ड्रोन प्रशिक्षण शिविर एवं संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (CATC) के अंतर्गत कैडेटों को आधुनिक ड्रोन तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया. शिविर के दौरान कॉर्पोरल प्रवीण चौहान के नेतृत्व में कैडेटों ने एमपीयूएटी के सीटीएई खेल मैदान में ड्रोन निर्माण, उसकी संरचना एवं कार्यप्रणाली का गहन अध्ययन किया.
प्रशिक्षण सत्र में कैडेटों ने स्वयं ड्रोन का निर्माण कर उसके विभिन्न घटकों, तकनीकी विशेषताओं तथा सुरक्षा मानकों की जानकारी प्राप्त की. प्रशिक्षण के दौरान कैडेटों को ड्रोन के सुरक्षित संचालन, उड़ान नियंत्रण, टेक-ऑफ एवं लैंडिंग की व्यावहारिक जानकारी दी गई. कैडेटों ने उत्साहपूर्वक ड्रोन को उड़ाने और सुरक्षित रूप से लैंड कराने का अभ्यास किया. अपने हाथों से निर्मित ड्रोन को सफलतापूर्वक उड़ते देख कैडेटों में विशेष उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला.
आधुनिक तकनीक और नवाचार को बढ़ावा
कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर नटराज डागुर ने बताया कि ड्रोन प्रशिक्षण का उद्देश्य कैडेटों को आधुनिक तकनीकों से परिचित कराना तथा उनमें तकनीकी दक्षता और नवाचार की भावना विकसित करना है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ड्रोन तकनीक का उपयोग रक्षा, कृषि, आपदा प्रबंधन, निगरानी एवं अनुसंधान सहित अनेक क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में कैडेटों को उभरती तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना समय की आवश्यकता है.
ड्रोन प्रशिक्षण विशेषज्ञ सार्जेंट रघुवंशी ने बताया कि इस प्रशिक्षण से कैडेटों में तकनीकी समझ, समस्या समाधान क्षमता तथा नवाचार के प्रति रुचि विकसित होगी. उन्होंने कहा कि ड्रोन निर्माण एवं संचालन का यह अनुभव कैडेटों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करेगा. कैडेटों ने भी इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें आधुनिक तकनीक को समझने और राष्ट्रसेवा में नई तकनीकों के उपयोग की जानकारी प्राप्त हुई है.
इस अवसर पर केयरटेकर ऑफिसर राम नारायण कुम्हार सहित शिविर के अधिकारी एवं कैडेट भी उपस्थित रहे.





