मशरूम बनेगा ग्रामीण रोजगार का साधन

-भानु प्रकाश राणा

Mushroom Farming. मशरूम की खेती बिना खेत के किया जाने वाला काम है और आज अनेक युवा बेरोजगार इस काम को अपनाकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. सरकार भी मशरूम की खेती को बढ़ावा दे रही है. हाल ही में फलासिया क्षेत्र में जनजाति किसानों को मशरूम खेती उपकरण वितरित किए गए और आधुनिक कृषि अपनाने का आह्वान किया गया.

विगत दिनों महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर, राजस्थान में प्रोफेसर डॉ. नारायण लाल मीणा के मार्गदर्शन में पंचायत समिति फलासिया की ग्राम पंचायत गुराड के राजस्व गांव बोबरावाडा में जनजाति किसानों को मशरूम खेती के उपकरण वितरित किए गए तथा आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया. इस कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.

मशरूम की खेती से बढ़ेगी आय और किसान होंगे आत्मनिर्भर

बाबूलाल खराड़ी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन आधुनिक एवं लाभकारी कृषि गतिविधि है, जिसके माध्यम से ग्रामीण परिवार स्वरोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं. उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन से किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ पोषण स्तर में भी सुधार होगा तथा कुपोषण की समस्या से मुक्ति पाने में सहायता मिलेगी.

योजनाओं का लाभ लें किसान

मंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी एवं कृषि योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से इनका अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया, साथ ही ‘गंगा वंदे जल संरक्षण अभियान’ की जानकारी भी दी गई. कार्यक्रम के दौरान आदिवासी क्षेत्र के किसानों के लिए सौर ऊर्जा आधारित कृषि पंप एवं सोलर सिस्टम पर अधिक अनुदान उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई.

किसानों को मिली तकनीकी जानकारी

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों तथा कृषि में नवाचार अपनाने की जानकारी दी. साथ ही क्षेत्र के बालक-बालिकाओं को कृषि विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा से जुड़ने तथा कृषि क्षेत्र में नवाचार करने के लिए प्रेरित किया गया.

इस अवसर पर संविधान संदर्भ बोबरावाडा के संवैधानिक फेलो धनराज गरासिया ने संविधान के मूल्यों, नागरिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया. कार्यक्रम में सामाजिक गणेश मेघवाल, अविनाश कुमार नागदा, किशन सिंह तथा भाजपा के पूर्व महामंत्री मांगीलाल पटेल सहित अनेक किसान एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना रहा.

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