मशीन जीरो टिल सीड ड्रिल के इस्तेमाल से खेत की जुताई का खर्चा बचता है यानी खेत को बिना जोते ही बीज की बोआई की जाती है.

बोआई के दौरान खेत में जरूरी खाद व उर्वरक दी जाती है. इस तरह फसलों में खासकर रबी मौसम की फसलें जैसे गेहूं, चना, सरसों, अलसी आदि के लिए खासी फायदेमंद साबित होती हैं. इन फसलों की बोआई में देरी की अवस्था में 7 से 10 दिन पहले यानी समयानुसार की जा सकती है.

इस तरह से बोई गई फसलों में धानगेहूं, मक्कागेहूं, कपासगेहूं, अरहरगेहूं और सोयाबीनगेहूं फसलचक्रों में किए गए प्रयोगों में बिना जुताई से बोई गई फसलों की कम लागत में भी 10-15 फीसदी अधिक पैदावार मिलती है.

आमतौर पर किसी भी फसल को बोने से पहले खेत को तैयार करने में 3-4 जुताइयां करनी होती हैं, जिस का खर्चा भी बचता है.

धान कटाई के बाद गेहूं की सीधी बोआई

धान कटाई के बाद अगर उसी खेत में शून्य जुताई तकनीक से गेहूं बोया जाए, तो गेहूं कटने के तुरंत बाद गरमियों में मूंग की खेती की जा सकती है.

जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल यंत्र

इस यंत्र से धान की कटाई के बाद खेत को बिना तैयार किए, बिना जोते ही गेहूं की सीधी बोआई की जाती है.

अधिक नमी वाले खेत में भी इस यंत्र से सीधे गेहूं की बोआई की जा सकती है. तय गहराई में लाइनों में ही बीज की बोआई होती है.

फील्डकिंग का जीरो सीड ड्रिल

इस कंपनी का जीरो टिल सीड ड्रिल 3 साइजों में आता है, जो क्रमश: 9 लाइन, 11 लाइन व 13 लाइनों में अनाज की बोआई करता है.

फील्डकिंग जेडएसएफडी-9 : 9 लाइनों में बोआई करने वाले इस यंत्र में 18 मीटरिंग ह्वील लगे हैं. उर्वरक व बीज के लिए अलगअलग 18 पाइप हैं और साढ़े 55 इंच की चौड़ाई तक एरिया को कवर कर के काम करता है.

इस के मुख्य फ्रेम की चौड़ाई 67 इंच है और सीड टैंक की क्षमता 45 किलोग्राम तक है. उर्वरक के टैंक में 59 किलोग्राम तक उर्वरक भरा जा सकता है और मशीन का कुल वजन लगभग 270 किलोग्राम है. इस जीरो टिल यंत्र को 30 से 45 हौर्सपावर के ट्रैक्टर के साथ जोड़ कर चलाया जा सकता है.

फील्डकिंग का एफकेजेडएसईडी-11 मौडल : यंत्र के इस मौडल से 11 लाइनों में बोआई की जाती है. बीज और उर्वरक के लिए 22 पाइप अलग लगे हैं, जिन के जरीए उर्वरक व बीज तय मात्रा में गिरता है और 69 इंच तक यह यंत्र एक बार में एरिया कवर कर के अपना काम करता है. मुख्य फ्रेम की चौड़ाई 81 इंच है. बीज टैंक की क्षमता 57 किलोग्राम है और उर्वरक 74 किलोग्राम तक एक बार में टैंक में भरा जा सकता है.

इस यंत्र का कुल वजन 320 किलोग्राम है. इस यंत्र को इस्तेमाल करने के लिए 50 से 65 हौर्सपावर तक के ट्रैक्टर की जरूरत होगी.

एफकेजेडएसएफडी-13 : यह यंत्र फील्डकिंग कंपनी का तीसरा मौडल है. इस में खाद व बीज के लिए अलगअलग 26 पाइप लगे हैं, जो एकसाथ 13 लाइनों में बोआई करते हैं. मशीन की चौड़ाई 83 इंच है और मुख्य फ्रेम 95 इंच तक का है.

बीज भरने वाले टैंक में एक बार में 69 किलोग्राम व 89 किलोग्राम उर्वरक भरा जा सकता है. यंत्र का कुल वजन 370 किलोग्राम है. इस को इस्तेमाल करने के लिए 70 से 85 हौर्सपावर के ट्रैक्टर की जरूरत होगी.

खासीयतें

* इस जीरो टिल सीड ड्रिल में बीज बौक्स, उर्वरक बौक्स, बीज और उर्वरक की मात्रा नापने के लिए मीटरिंग तंत्र है.

* बीज के संपर्क में आने वाले खांचे की लंबाई को बढ़ायाघटाया जा सकता है.

* अनेक तरह की फसलों की बोआई के लिए यह उपयोगी यंत्र है.

किसान अधिक जानकारी के लिए 91-1847156665/66 व इस के ह्वाट्सएप नंबर 91-92016570 पर संपर्क कर सकते हैं.

पूसा संस्थान का जीरो टिलेज सीड ड्रिल भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली का जीरो टिलेज सीड ड्रिल से एक दिन में 5 एकड़ खेत में बोआई की जा सकती है.

इस यंत्र से धान कटाई के बाद खेत में सिंचाई कर के सीधे ही फसल बीज की बोआई की जाती है.

अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें...