हरियाणा में खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के तहत धान की खरीद (Paddy Procurement) तेजी से चल रही है. 26 अक्टूबर 2026 की सुबह 8 बजे तक राज्य की मंडियों में 37.27 लाख मीट्रिक टन धान पहुंच चुका था. इसमें से सरकारी एजेंसियों ने 30.69 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है. इस खरीद के लिए किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत 4,263.76 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है.

धान खरीद का 53 फीसदी लक्ष्य पूरा

केंद्र सरकार ने इस सीजन में हरियाणा से 58 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है. राज्य मंत्री राजेश नागर के अनुसार, अब तक इस लक्ष्य का करीब 53 प्रतिशत हासिल हो चुका है. मंडियों में पहुंची कुल धान की फसल में से लगभग 82 प्रतिशत की सरकारी खरीद की जा चुकी है.

मंडियों से धान उठाने का काम जारी

सरकारी खरीद के बाद मंडियों से धान का उठान भी किया जा रहा है. अब तक 23.34 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों से उठाया जा चुका है, जो कुल सरकारी खरीद का करीब 76 प्रतिशत है. अधिकारियों को उठान प्रक्रिया में तेजी लाने और मंडियों में पर्याप्त जगह बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी न हो.

2.22 लाख से ज्यादा किसानों को फायदा

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 2,22,154 किसानों को धान खरीद का लाभ मिला है. इसमें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने 2,375.62 करोड़ रुपये, हैफेड ने 1,329.76 करोड़ रुपये और हरियाणा राज्य भंडारण निगम ने 558.38 करोड़ रुपये का भुगतान किया है.

कुरुक्षेत्र धान खरीद में सबसे आगे

जिलों में कुरुक्षेत्र सबसे आगे है. 25 अक्टूबर तक यहां 7.64 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका था. कैथल में 5.94 लाख मीट्रिक टन और करनाल में 4.32 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई.

वहीं, निजी व्यापारियों ने अब तक 38,770 मीट्रिक टन धान खरीदा है. निजी खरीद में औसत भाव 2,516 रुपये प्रति क्विंटल रहा.

सरकार का जोर धान की खरीद, मंडियों से उठान और किसानों को भुगतान की प्रक्रिया समय पर पूरी करने पर है, ताकि किसानों को फसल बेचने के बाद भुगतान के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े.

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