Soil Testing: खेत की मिट्टी की जांच के लिए अब किसान को न तो कृषि विज्ञान केंद्र जाना होगा, न ही किसी मिट्टी जांच लैब के पास. उसे लेना है अपना मोबाइल और जाना है केवल अपने खेत में, जहां एक खास मोबाइल ऐप की मदद से वह खुद ही खेत में खड़े-खड़े मिट्टी की जांच (Soil Testing) कर सकता है और ले सकता है अपने खेत से अच्छी पैदावार. आइए, जानते हैं क्या है यह कमाल.

खेती से अच्छी पैदावार लेने के लिए खेत की मिट्टी का उपजाऊ होना बहुत जरुरी है और यह तभी संभव है जब खेती की मिट्टी में सभी उपजाऊ तत्त्व उचित मात्रा में मौजूद हों. इसके लिए खेत की मिट्टी की समय पर जांच करना या करवाना भी जरूरी है, जिससे हमें पता चल सके कि खेत की मिट्टी में कौन से उर्वरक की कमी है.

अच्छी पैदावार के लिए खेत की मिट्टी में 16 जरूरी तत्त्वों की जरूरत होती है जिसमें एनपीके मुख्य हैं. इनके अलावा तमाम सूक्ष्म पोषक तत्त्व होते हैं जिनका सही मात्रा में खेत की मिट्टी में होना जरूरी है.

मिट्टी जांच क्यों जरूरी है

ICAR के अनुसार मिट्टी जांच (Soil Testing) के आधार पर खाद देने से 15-25 फीसदी खाद की बचत और 10-20 फीसदी पैदावार बढ़ती है, लेकिन अक्सर किसान मिट्टी जांच करने में लापरवाही बरतते हैं और फिर बिना जांच-पड़ताल के अगली फसल की बोआई कर दी जाती है.

हालांकि सरकार ने खेत की मिट्टी की जांच कराने की सुविधाएं किसानों को दी हैं. हाल ही में तो अब किसान को खेत की मिट्टी की जांच के लिए कहीं जाना भी नहीं होगा, वह खुद ही खेत में मिट्टी की जांच कर सकता है. आइए, जानते हैं कैसे?

अपने मोबाइल से खुद करें मिट्टी की जांच

जी हां, किसानों के लिए खेती को और भी स्मार्ट और आसान बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. अब किसानों को अपनी मिट्टी को लेकर किसी भी मिट्टी जांच लैब जाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि अब सरकार ने एक Soil Mobile App- e-Farms का लोकार्पण कर दिया है. इस ऐप की मदद से किसान अपने खेत में खड़े-खड़े ही अपने मोबाइल के जरिए मिट्टी की जांच कर सकता है और उस से मिली संतुति के आधार पर अपने खेत में उचित मात्रा में खाद उर्वरक और पोषक तत्त्वों को दे सकता है.

कैसे करें मोबाइल ऐप का इस्तेमाल

इस ऐप को ICAR‑IISS, भोपाल द्वारा विकसित किया गया है और यह मध्य प्रदेश के डाटा पर आधारित है. इस ऐप का उपयोग करने के लिए सबसे पहले इसे प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होगा. इसके बाद ऐप की मदद से किसान अपने खेत की फोटो अपलोड कर सकते हैं, जिससे तुरंत यह जानकारी मिल जाती है कि मिट्टी में कौन‑कौन से पोषक तत्त्वों की कमी है. साथ ही, ऐप में किसानों को सही खाद और उर्वरकों के उचित इस्तेमाल की पूरी जानकारी भी दी जाती है. उसके अनुसार आगे खेती में अच्छी पैदावार ली जा सकती है.

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत मुफ्त होती है खेत की मिट्टी की जांच

अगर किसान खुद मिट्टी की जांच नहीं करना चाहता है तो वह अपने जिले में कृषि विभाग की मृदा प्रयोगशाला, कृषि विज्ञान केंद्र KVK, या ICAR के संस्थान में मिट्टी का नमूना लेकर भी उसकी जांच फ्री में करा सकता है. अब मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत मुफ्त जांच होती है.

बिना कहीं जाए किसान अपने खेत में अपने मोबाइल से ही मिट्टी की जांच करें. यह ICAR‑IISS, भोपाल का एक अच्छी शुरुआत है. अब किसान इस ऐप का उपयोग कर तुरंत अपने खेत की मिट्टी के सेहत के बारे में जान सकता है और समय पर मिली संतुति के आधार पर कृषि उर्वरकों का इस्तेमाल कर अच्छी उपज ले सकता है.

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