Small Animals: छोटे और मंझले पशुपालकों / किसानों के लिए छोटे पशुओं (Small Animals) को पालना एक लाभकारी व्यवसाय है. इस व्यवसाय को अगर प्रशिक्षण लेकर शुरू किया जाए तो ये कहीं अधिक मुनाफेदार कारोबार साबित होगा. आइए जानते हैं कैसे?
यहां से लें प्रशिक्षण
राष्ट्रीय कौशल विकास प्रशिक्षण योजना के तहत अनेक संसथान पशुपालन आदि पर समय-समय पर ट्रेनिंग देते हैं. भाकृअनुप- ₹केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर मे भी आए-दिन छाए पशुओं पर प्रशिक्षण का आयोजन किया जाता है, जहां से आप प्रशिक्षण कर पशुपालन को अधिक लाभकारी बना सकते हैं.
19वां राष्ट्रीय कौशल विकास प्रशिक्षण
हाल ही में भाकृअनुप-केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर मे आठ दिवसीय स्व-वित्तपोषित 19वां राष्ट्रीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘वैज्ञानिक भेड़ -बकरी एवं खरगोशपालन’ का आयोजन निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर की अध्यक्षता में काजरी, जोधपुर मे हुआ, जिसमें देश के सात राज्यों के 35 (30 पुरुष एवं 5 महिला) लोगों ने भाग लिया.
मुख्य अथिति डॉ. एके पटेल ने कहा- वैज्ञानिक तरीके से करें भेड़-बकरी पालन.
-उन्होंने बताया कि वर्तमान मे ग्रामीण भारत मे रोजगार के लिए छोटे पशु बहुत लाभकारी हैं जिसमें आप कम लागत के साथ शुरू कर सकते हैं.
निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर ने कहा-
सभी किसानों को अपने वातावरण अनुसार अच्छी भेड़-बकरी की नस्ल का चयन, उनका बेहतर रख-रखाव, उनके उत्पादों का बाजार की आवश्यकता एवं अधिक लाभ के लिए विभिन्न मूल्य आधारित उत्पादों का निर्माण तथा पशुओ का बाजार की मांग अनुसार पालन आपको करना चाहिए.
छोटे पशुओं (Small Animals) जैसे भेड़-बकरी का पालन उन्नत नस्ल और वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षण लेकर किया जाए तो यह एक लाभकारी रोजगार है, इसमें फायदा ही फायदा है, इसलिए आप नजदीक भी पशुपालन पर ट्रेनिंग लेकर यह काम कर अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं.





