Mango Disease Control: इन दिनों आम के बागों में फल बनने की शुरुआत हो चुकी है और आम के फलों ने आकार लेना शुरू कर दिया है, इसलिए इस समय क्या और किस तरह की देखभाल है जरूरी जिससे आम की बागबानी से अच्छा मुनाफा लिया जा सके. आइए, समझते हैं :

फलों का राजा आम : क्या है कम पैदावार का कारण?

आम को उत्कृष्ट स्वाद, सुगंध, आकर्षक रंग, पोषक गुणों एवं विभिन्न उपयोगों के कारण फलों का राजा कहा गया है. आम फलों के छोटे आकार से लेकर फल पकने तक खटाई, जाचार, मुरब्बा, जूस, अमावट के रूप में प्रयोग किया जाता रहा है.

आम की देखरेख के बारे में प्रसार्ड ट्रस्ट मल्हनी, देवरिया के निदेशक प्रोफेसर रवि प्रकाश मौर्य ने बताया कि आम की कम उत्पादकता के लिए मुख्य कारणों में पुराने अनुत्पादक बागों की अधिकता, पोषक तत्त्वों की कमी, अनियमित फलन, विभिन्न प्रकार के रोगों एवं कीटों का अधिक प्रकोप सम्मिलित है.

कीट रोग लगने का खतरा

वर्तमान समय में आम मटर के दाने या कांच की गोली के आकार के हो गए हैं. इस समय मौसम भी बदल रहा है, जो आम के फलों को प्रभावित करता है. आम में भुनगा (हापर) कीट के प्रकोप होने की संभावना बनी रहती है. इसके शिशु एवं प्रौढ़ दोनों पौधे के कोमल भागों मे छेद कर रस चूसते हैं. पत्तियां मुरझा जाती हैं. ये चिपचिपा, मीठा पदार्थ निकालते हैं. अप्रैल में इनकी संख्या ज्यादा हो जाती है. उच्च आर्द्रता, पुराने उपेक्षित एवं घने बगीचों में ज्यादा प्रकोप होता है.

क्या करें कीट रोग प्रबंधन?

फुदका कीट के प्रबंधन के लिए इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एस. एल. 1 मिलीलीटर प्रति 3 लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करें. Mango disease control

आम में इस समय खर्रा या दहिया रोग से भी सावधान रहने की जरूरत है. यह रोग आम के फूलों के डंठल, नई पत्तियों और छोटे फलों को प्रभावित  करती हैं. बीमार पौधों के ऊपरोक्त भागों पर सफेद सतही धूल जैसा विकास होता है.

कैसे फैलती है यह बीमारी?

यह बीमारी हवा से फैलती है. संक्रमित फलों की परत फट जाती है. ऐसे फल मटर के आकार तक पेड़ पर रहते हैं और फिर गिर जाते हैं. रोग की गंभीरता 3-4 दिनों तक उच्च आर्द्रता, बादल वाला मौसम और हवा का तेज चलना, न्यूनतम तापमान 10-15 सेंटीग्रेड, अधिकतम 27-33 सेंटीग्रेड और आर्द्रता 65-80 प्रतिशत, रोग की गंभीरता के लिए सबसे अनुकूल परिस्थितियां हैं.

इन दिनों रोग फैलने का अधिक खतरा

मार्च के दूसरे पखवारे में उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्र में इसकी तीव्रता सबसे अधिक होती है.

-इस रोग के प्रबंधन के लिए पहला छिड़काव धुलनशील गंधक 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल कर बौर जब 8-10 सेंटीमीटर का हो तो करें. यदि आवश्यक हो तो दूसरा छिड़काव हेक्साकोनाज़ोल या डाइनोकैप 1 मिलीलीटर को प्रति लीटर पानी में घोलकर पहले छिड़काव के 10-15 दिन बाद करना चाहिए.

फूल आने के समय क्या बरतें सावधानियां?

-(फरवरी-मार्च) में सिंचाई न करें, इससे फूल झड़ सकते हैं.

-बाग में जलभराव न होने दें.

-कीटनाशकों का छिड़काव सुबह या शाम के समय करें.

-कीट एवं रोग के लिए एक साथ कीटनाशी एवं फफूंदीनाशी दोनों को मिलाकर छिड़काव कर सकते है. पानी की मात्रा अलग-अलग नहीं रहेगी.

सही समय पर निदान, फसल से अच्छा दाम

आम की बागबानी में सही समय पर निदान अच्छी पैदावार मिलने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है. इस कदम को सही समय पर उठाकर आम की बागबानी को लाभकारी बनाया जा सकता है.

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