Sugarcane Farming : गन्नाकिसान हर मोर्चे पर ठगे जाते हैं. गन्ने से जुड़ी सब से बड़ी मजबूरी यह है कि गेहूं व धान आदि खेती की दूसरी उपजों की तरह गन्ने को खेत से काटने के बाद रोक कर नहीं रखा जा सकता. कटाई के बाद गन्ने को जल्द से जल्द चीनीमिलों में पहुंचाना पड़ता है, नहीं तो वह सूखने लगता है. इसी जल्दबाजी के कारण गन्ना खरीद सेंटरों पर खूब धांधली होती है.
क्या है उपाय?
किसान खेती (Sugarcane Farming) के पुराने तरीकों पर चलना छोड़ कर नए तौरतरीके अपनाएं, गन्ने की प्रोसेसिंग करें, गन्ने से बनने वाली वस्तुओं के लिए अपने कारखाने लगाएं, ताकि खेती से होने वाली आमदनी में बढ़ोतरी हो सके, लेकिन इस के लिए किसानों को अपनी सोच बदल कर कारोबारी बनना होगा व तकनीक सीखनी होगी.
प्रोसेसिंग से कमाई
केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान, एफटीआरआई मैसूर के वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक निकाली है, जिस से कोल्ड ड्रिंक की तरह गन्नारस को बोतलबंद किया जा सकता है. भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के वैज्ञानिकों ने गन्ने के रस से पैक्ड गुड़, क्यूब्स, तरल गुड़ का सिरप व औरगैनिक शक्कर बनाने के किफायती तरीके निकाले हैं. केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल ने चाकलेट जैसी गुड़ व मूंगफली की न्यूट्रीबार बनाने की तकनीक खोजी है. किसान इन्हें अपना कर गन्ने से ज्यादा कमाई कर सकते हैं.
तकनीक नई
नई तकनीकों से गन्ने की खोई जैसे कचरे का भी बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है. मसलन 200 चीनी मिलों में गन्ने की खोई से चलने वाले कोजनरेशन प्लांट लगा कर 3500 मेगावाट बिजली बनाई जा रही है. अब 529 चीनीमिलों से 16000 मेगावाट बिजली बनाने का मकसद तय किया गया है. बिजली के अलावा गन्ने की खोई से गत्ता, लुग्दी, कागज और वर्मी कंपोस्ट खाद आदि बना कर कमाई की जा सकती है.





