Pesticides : कीटनाशी हवा व पानी को भी खराब करते हैं, जिस से इनसानों व दूसरे जीवजंतुओं को नुकसान होता है. लिहाजा कीटनाशियों का उचित प्रयोग व रखरखाव बहुत जरूरी है वरना ये पर्यावरण के लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा कर सकते हैं.

* कीटनाशक (Pesticides) दवाओं को कभी भी नंगेहाथों से नहीं छूना चाहिए.

* कीटनाशियों का प्रयोग करते समय पैकिंग को खुली हवा में ही खोलना चाहिए.

* पानी में दवा की सही मात्रा को  ही मिलाना चाहिए.

* छिड़काव के लिए खुली व हवादार जगह पर मिश्रण तैयार करना चाहिए.

* मिश्रण तैयार करने के लिए गहरे बरतन को इस्तेमाल करना चाहिए. हमेशा डंडे की मदद से हिलाते हुए मिश्रण तैयार करें.

* 2 या अधिक कीटनाशक (Pesticides) एकसाथ नहीं मिलाने चाहिए.

* घोल बनाने के लिए खानेपीने में इस्तेमाल होने वाली चीजों का प्रयोग न करें.

* छिड़काव से पहले स्प्रेयर में पानी भर कर उस के लीकेज की जांच कर लेनी चाहिए.

* घोल बनाने के बाद हाथपैरों को साबुन से धो लेना चाहिए.

छिड़काव के दौरान सावधानियां

* छिड़काव करते समय सुरक्षा के लिए चश्मा, मास्क, जूते व कवच वगैरह का प्रयोग करना चाहिए.

* छिड़काव करने वाला व्यक्ति स्वस्थ होना चाहिए और उस के शरीर पर किसी प्रकार का कोई घाव नहीं होना चाहिए.

* छिड़काव सुबह या शाम को, जब हवा पूरी तरह से शांत हो तब ही करना चाहिए. तेज हवा में छिड़काव नहीं करना चाहिए.

* बच्चों को छिड़काव करने वाली जगहों पर नहीं आने देना चाहिए.

* छिड़काव करते समय खयाल रखें कि कीटनाशी त्वचा, आंख व मुंह पर न गिरे.

* छिड़काव करते समय कुछ खानापीना नहीं चाहिए.

* कीटनाशी का छिड़काव हमेशा हवा के बहाव की दिशा में ही करना चाहिए.

* छिड़काव यंत्र के बंद नोजल (नली) को खोलने के लिए कभी भी मुंह से फूंक नहीं मारनी चाहिए.

* छिड़काव करते समय यदि कपड़े दवा से गंदे हो जाएं तो तुरंत कपड़े बदल लेने चाहिए.

* छिड़काव करते समय ध्यान रखना चाहिए कि कीटनाशी का रिसाव नहीं हो रहा हो, क्योंकि इस से महंगे कीटनाशी की बरबादी के साथसाथ छिड़काव करने वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य व पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ता है.

* छिड़काव करने के बाद कुछ देर आराम करना चाहिए.

* छिड़काव के दौरान छिड़काव करने वाले को चक्कर आने या अस्वस्थ होने पर छिड़काव बंद करवा कर उसे जल्दी से जल्दी डाक्टर के पास पहुंचाना चाहिए और कीटनाशी का लेबल भी साथ में ले कर जाना चाहिए.

छिड़काव के बाद सावधानियां

* बची हुई दवा को अच्छी तरह से पैक कर के स्टोर में पहुंचा देना चाहिए.

* खाली डब्बों को सुरक्षित स्थान पर जला कर नष्ट कर देना चाहिए.

* घोल बनाने वाले बरतन व छिड़काव यंत्र (स्पे्रयर) को अच्छी तरह से पानी से साफ कर के ही स्टोर में रखना चाहिए.

* छिड़काव के समय पहनी गई टोपी, मोजे, जूते, मास्क व चश्मे आदि को पानी से धो कर ही रखना चाहिए.

* छिड़काव करने के बाद साबुन से अच्छी तरह से नहाना चाहिए और छिड़काव के समय पहने गए कपड़ों को अलग से अच्छी तरह से साबुन से धोया जाना चाहिए.

कृषि रसायनों के गलत इस्तेमाल से कई बार घटनाएं घटित हो जाती हैं. लिहाजा ऊपर बताई गई बातों को ध्यान में रखते हुए ही कीटनाशियों का छिड़काव किया जाए तो काफी हद तक इन के हानिकारक असर से बचा जा सकता है.

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