IARI : 4 जनवरी, 2026 को आईएआरआई द्वारा विकसित पांच किस्में, जिसमें एक धान, एक चारा मक्का उन 184 किस्मों में शामिल थीं, जिन्हें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ‌द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया.

कहां के लिए कौन से किस्म देगी अच्छी उपज?

  • धान संकर पूसा आरएच 60 : दो लाइन वाली किस्म, जिसे बिहार एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए जल्दी ही जारी किया जाएगा.
  • जलवायु सहिष्णु गेहूं किस्म एचडी 3428, एचआई 1669 और एचआई 1674 को जारी किया गया.
  • उद्‌देश्य-विशिष्ट मक्का संकर – पूसा वैक्सी मक्का हाईब्रिड-1 एवं पूसा फोरज मक्का हाईब्रिड-1 के साथ उच्च उपज वाले सिंगल-क्रॉस कर विभिन्न कृषि जलवायु परिस्थितियों के लिए जारी किए गए.
  • यांत्रिक कटाई हेतु चना किस्म पूसा अश्विनी उच्च घनत्व रोपण एवं यंत्रीकरण के लिए अति शीघ्र अरहर किस्में पूसा जवाहर अरहर ड्वार्फ 22-1 एवं 22-2, पीएसएम 12 तथा अतिरिक्त मोटे दानों वाली सरसों किस्म पूसा सरसों-37 शामिल हैं.
  • आईएआरआई की बासमती धान किस्में पूसा बासमती 1718, 1692 और 1509 तथा रोग प्रतिरोधी पीबी 1847, पीबी 1885 और पीबी 1886 ने मिलकर भारत के कुल बासमती निर्यात का लगभग 90% योगदान दिया, जिससे वर्ष 2024-25 में देश को 50,312 करोड़ रुपए की आय हुई.

प्रत्यक्ष बोआई के लिए उपयुक्त खरपतवारनाशी-सहिष्णु किस्में पीबी 1979 एवं पीबी 1985 श्रम लागत में कमी, जल बचत तथा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में संभावित कमी के कारण तेजी से अपनाई जा रही हैं.

  • कर्नाटक के लिए चना किस्म बीजीडी 133 (पूसा सुमंगला). जम्मू कश्मीर के लिए मक्का संकर पीएसएमएच-1′. मध्य प्रदेश के लिए पीजेएचएम-3′ विकसित किए गए.
  • इस वर्ष जारी की गई दस किस्मों को जैव-सुदृढ़ (बायोफोर्टिफाइड) किया गया.
  • गेहूं की किस्में एचआई 1669 और एचआई 1674 प्रोटीन, जिंक एवं आयरन से भरपूर हैं, जबकि एचडी 3428 उच्च प्रोटीन युक्त किस्म है.
  • मक्का में 7 जैव-सुदृढ़ संकर विकसित किए गए, जिनमें पूसा बायोफोर्टिफाइड मक्का हाइब्रिड-8′ है.

संस्थान ने किया 1, 933 टन बीज उत्पादन

साल 2025 में आईएआरआई (IARI) ने 1, 933 टन गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन किया, जिसमें 1,881 टन खेत फसल बीज और 52 टन उद्यान एवं पुष्प फसल बीज शामिल हैं.

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