Pulses Seed-

दलहनी फसलें, भारत व दक्षिण पूर्वी एशिया की खेती में अहम रोल रखती हैं. देश की ज्यादातर आबादी शाकाहारी होने के कारण उन के लिए प्रोटीन मुहैया कराने के लिए दलहनी फसलों की पैदावार व रकबा बढ़ाना बहुत जरूरी है. उन्नत प्रजातियों के हाई क्वालिटी वाले बीज की कमी, कम उर्वर जमीन, कीटों का हमला वगैरह दलहनी फसलों की कम पैदावार के अहम कारण हैं. इसलिए दलहन फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए उन्नतशील प्रजातियों के हाई क्वालिटी वाले बीज तैयार करने की बहुत जरूरत है.

दलहनी फसलों के बीज तैयार करने के लिए इन बातों पर ध्यान दें:

बीज उपचार :

बीज फसल के लिए बीज उपचार बहुत ही जरूरी है. बीज उपचार पहले केमिकल द्वारा उकटा, अंगमारी व तना विगलन जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए किया जाता है, फिर उस के बाद नाइट्रोजन बढ़ाने व फास्फोरस को घुलनशील बनाने के लिए जैव उपचार करना चाहिए.

रोगिंग यानी छंटाई :

बीज की आनुवांशिकी बनाए रखने के लिए रोगिंग एक जरूरी काम है. इस में बीमार पौधों व अन्य प्रजातियों के पौधों को फूल आने से पहले उखाड़ कर फेंक दिया जाता है. पौधों की पहचान पत्ती के रंग, आकार पौधे की बनावट व फूल आने के समय वगैरह से की जाती है.

फसल की जांच :

बीज फसल की 3 जांच जरूरी हैं, पहली जांच फूल आने से पहले जिस में रोगिंग व बीमारी पर ध्यान देते हैं. दूसरी जांच फूल आने के बाद जिस में रोगिंग का ध्यान देते हैं और तीसरी जांच फलियों के बनने के बाद कटाई से पहले की जाती है.

सुखाना व पैकिंग :

गहाई के बाद बीजों को अच्छी तरह साफ कर के उन से छिलके व पौधों के कचरे वगैरह को पंखे की हवा द्वारा अलग कर के उन को पक्के फर्श पर फैला कर धूप में सुखाया जाता है. अच्छी तरह सूखने के बाद बीजों को मशीन में भेज कर छंटाई करते हैं. मशीन की सुविधा न होने पर छलनी द्वारा ग्रेडिंग करते हैं, जिस से टूटे व छोटे बीज अलग हो जाते हैं उस के बाद बीजों को जूट या कपड़े के थैलों में भर कर पैकिंग कर देते हैं.

स्टोरेज :

बीजों को स्टोर में रखने से पहले इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:

-बीज की नमी 10 से 12 फीसदी होनी चाहिए.

-स्टोर साफ, सूखा व ऐसा हो जिस में हवा न आएजाए और स्टोर को कीट मुक्त करने के लिए मेलाथियान 50 फीसदी घोल का छिड़काव करना चाहिए.

-सल्फास की 3 ग्राम गोली को प्रति टन बीज की दर से स्टोर में रखना चाहिए.

-कपड़े या जूट के थैलों को लकड़ी के पटरों पर रखना चाहिए.

कुछ दलहनी फसलों की उत्पादन तकनीक इस तरह है:

आधारीय चना बीज तैयार करने के लिए प्रजनक या आधार प्रथम बीज और प्रमाणित बीज तैयार करने के लिए आधारीय बीज किसी मान्यता प्राप्त संस्था से लेना चाहिए.  Pulses Seed

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