ग्वालियर: गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गौ उत्पाद दूध, दही, घी के साथ ही गौ काष्ठ से दीपक बनाने एवं गोबर से लकड़ी बनाने की गतिविधियां गौशाला में प्रारंभ की जाएं. इस के लिए प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जाएं.

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विवेक कुमार ने जिले में संचालित 33 गौशालाओं के संचालकों की बैठक में यह बात कही.

जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में गौशालाओं के संचालक गौ संवर्धन बोर्ड के सदस्य, उपसंचालक, पशु चिकित्सा विभाग, पंच, सचिव, अशासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधि और रानीघाटी गौशाला एवं कृष्णायन गौशाला के संचालक भी उपस्थित थे.

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विवेक कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में जो भी गौशालाएं बन गई हैं, उन के संचालन का काम तत्काल प्रारंभ किया जाए.

साथ ही, उपसंचालक, पशु चिकित्सा विभाग को भी निर्देशित किया गया कि गौशालाओं के संचालन के लिए शासन स्तर से प्राप्त जो राशि दी जाती है, उसे तत्काल जारी किया जाए. जिन ग्राम पंचायतों में गौशाला संचालित हैं, वहां पर ग्रामीणों को भी गौशालाओं से जोड़ने का कार्य किया जाए. ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार युवकयुवतियों को भी समूह बना कर गौ उत्पाद से निर्मित सामग्री के निर्माण में जोड़ा जाए, ताकि उन की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके.

बैठक में रानीघाटी गौशाला एवं कृष्णायन गौशाला के संचालकों ने भी गौशाला संचालन के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए. उपसंचालक, पशु चिकित्सा विभाग ने भी शासन स्तर से गौशालाओं के संचालन के लिए दी जाने वाली सहायता एवं सहयोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी.

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