Farming Machine : मजदूरी व वक्त बचाने के लिए किसान कंबाइन (Farming Machine) से गेहूं कटाना बेहतर समझते हैं. लेकिन उन्हें कंबाइन से गेहूं कटाने पर भूसा नहीं मिल पाता है. ऐसे में वे अपने खेत में ही गेहूं के डंठल भी जला देते हैं, जिस से मिट्टी में मौजूद मित्र कीटों व पोषक तत्त्वों के नष्ट होने का खतरा तो बढ़ता ही है, साथ में आग लगने का डर भी रहता है.
किसानों को इन्हीं समस्याओं से जूझते देख बस्ती जिले के एक बेहद कम पढ़ेलिखे व गरीब किसान ने 8 सालों की कड़ी लगन से एक ऐसी कंबाइन मशीन (Farming Machine) ईजाद की है, जो न केवल गेहूं की मड़ाई करती है, बल्कि मड़ाई के साथसाथ भूसा भी बनाती है.
इन्होंने बनाई खास मशीन
बस्ती जिले के दुबौलिया ब्लाक का गांव अगौन के दुबौली पुरवे के रहने वाले गोमती ने एक ऐसी कंबाइन मशीन (Farming Machine) बनाने की योजना बनाई, जो न केवल गेहूं की मड़ाई करे, बल्कि साथ ही भूसा भी बनाए.
इस कंबाइन मशीन (Farming Machine) को बनाने के लिए उन्होंने लोगों से कर्ज ले कर गांव में ही अपनी छोटी सी वर्कशाप बना डाली, जहां से शुरू हुआ उन का ऐसी कंबाइन मशीन बनाने का सफर जो ढेर सारी खूबियों वाली हो और किसानों को कम कीमत पर मुहैया कराई जा सके.
आखिरकार 2 सालों की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने एक ऐसी कंबाइन मशीन तैयार की जो गेहूं और भूसे को एकसाथ मड़ाई कर के अलगअलग कर सकती थी.
नहीं डिगने दिया हौसला
गोमती इस मशीन को बनाने के लिए लोगों से ढेर सारा पैसा उधार ले चुके थे. इस मशीन के ट्रायल के लिए मशीन पर फिट करने के लिए उन्हें ट्रैक्टर की जरूरत थी. उन्होंने कई ट्रैक्टर मालिकों से अपनी कंबाइन के टेस्ट के लिए ट्रैक्टर की मांग की, लेकिन कोई भी उन्हें ट्रैक्टर देने के लिए तैयार न था. इस से भी उन के हौसले में कमी नहीं आई और उन्होंने अपनी थोड़ी सी जमीन को बैंक में गिरवी रख कर ट्रैक्टर लोन पर खरीदा. फिर वे ट्रैक्टर को अपनी कंबाइन मशीन पर फिट कर के उसे गेहूं की कटाई के परीक्षण के लिए ले गए.
असफलता से सफलता तक
गोमती ने जब अपनी बनाई कंबाइन मशीन से पहली बार मड़ाई की, तो उन की इस मशीन ने गेहूं और भूसा एकसाथ देना शुरू तो कर दिया, लेकिन उसे अलग नहीं कर पाई.
फिर उन्होंने मशीन में कुछ जरूरी सुधार किए. आखिरकार साल 2014-15 के सीजन में उन्होंने इस मशीन का आखिरी बार परीक्षण किया, जो उन की उम्मीदों पर खरा उतरा और उन का यह प्रयोग सफल रहा.
परीक्षण में अव्वल
गोमती द्वारा निर्मित कंबाइन मशीन की गूंज दूरदूर तक फैलने लगी थी, जिस की हनक जब कृषि महकमे को हुई तो जिलाधिकारी अनिल कुमार दमेले, उपनिदेशक कृषि डा. पीके कन्नौजिया, जिला कृषि अधिकारी डा. रेणुका कुमार ने गोमती के खेत में जा कर इस का परीक्षण करवाया, जो एकदम सफल रहा.
मशीन की खासीयत
गोमती द्वारा निर्मित कंबाइन मशीन से एकसाथ गेहूं और भूसे की मड़ाई होगी, जो अलगअलग पाइपों द्वारा मशीन में बने गेहूं और भूसे के अलगअलग टैंकों में चला जाता है. यह मशीन खेत में गेहूं के डंठल नहीं छोड़ती है, क्योंकि इस के रीपर जड़ से गेहूं की कटाई करते हैं. यह मशीन अन्य मशीनों के मुकाबले सस्ती भी है. मशीन की बनावट इस तरह से है, जिस से इस के रखरखाव पर न्यूनतम खर्च से काम चलाया जा सकता है.





