नकदी फसल मानी जाने वाली गन्ने की खेती इस समय तमाम समस्याओं से घिरी हुई?है. एक तरफ गन्ने की फसल को चीनी मिलों द्वारा खरीदने के बाद भुगतान में हीलाहवाली तो दूसरी तरफ खेती में बढ़ती लागत ने किसानों को गन्ने की खेती से मुंह मोड़ने पर मजबूर कर दिया है.मिलों द्वारा गन्ने का वाजिब मूल्य न मिलने से गन्ना किसानों को दूसरी फसलों को लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.ऐसे में गन्ने की खेती में काम आने वाले कृषि यंत्रों को इस्तेमाल कर के किसान अपनी लागत में काफी कमी ला सकते हैं. Mechanized Farming
यहां गन्ना किसानों के लिए काम आने वाले कुछ ऐसे ही यंत्रों की जानकारी दी जा रही है, जिन से किसान
गन्ने की खेती को आसानी से लाभपूर्ण ढंग से कर सकते हैं.सुगरकेन ट्रांसप्लांटरयह यंत्र न केवल गन्ने की बोआई को आसान बनाता है, बल्कि कम लागत व मजदूरी से किसान के गन्ने की खेती को फायदेमंद भी बनाता है. सुगरकेन ट्रांसप्लांटर कम से कम 50 हार्सपावर के?ट्रैक्टर में लगा कर उसे साफ्ट से जोड़ दिया जाता?है. इस में लगे उर्वरकों के डब्बों में उर्वरक के?ऊपर 2 सीटें लगी होती हैं, जिन पर 2 लोग बैठ कर गन्ने को पकड़ कर मशीन में डालते जाते हैं. Mechanized Farming
यह मशीन पहले से तैयार किए गए खेत में गन्ने को रोपती है. यह मशीन गन्ने की आंखों व कलियों को नुकसान से बचाती?है. मशीन द्वारा निर्धारित मात्रा में उर्वरक बोआई के दौरान ही मिल जाता है. यह मशीन तय दूरी पर गन्ने की बोआई करती?है.इस मशीन द्वारा बनाई गई लाइनों की निश्चित गहराई व एक साथ दोहरी लाइन से गन्ने का जमाव सामान्य तरीके से की जाने वाली बोआई के मुकाबले 25 फीसदी ज्यादा होता?है. इस मशीन द्वारा आम तरीके से की जाने वाली बोआई के मुकाबले मजदूरी की लागत में 55 फीसदी तक की कमी लाई जा सकती है. यह मशीन न्यूनतम लागत व न्यूनतम श्रम में भी 1 दिन में 4 एकड़ खेत की बोआई कर सकती है. इस मशीन से बोआई करने पर खाद का पूरापूरा इस्तेमाल हो जाता है.
इस मशीन का रखरखाव बेहद आसान है. गन्ना किसानों के लिए यह मशीन बोआई को
आसान बनाने के अलावा लागत में कमी लाने का एक बेहतर जरीया साबित हो रही है. इस मशीन की कीमत डेढ़ लाख रुपए है.रिजरयह गन्ने की बोआई में इस्तेमाल की जाने वाली मशीन है, जो ट्रैक्टर में कल्टीवेटर की तरह फिट की जाती है. यह किसी भी ट्रैक्टर से चलाई जा सकती है. यह मशीन गन्ने की बोआई के लिए तय दूरी पर नालियां बनाती है. इस मशीन में मजदूरों की ज्यादा जरूरत होती है. इस से 8 घंटे में 2 एकड़ खेत की बोआई के लिए 15-20 आदमियों की जरूरत होती है.इस मशीन से बोआई करने से पहले गन्ने को?टुकड़ों में काटा जाता है. इस से गन्ने की कलियों व आंखों को नुकसान भी होता है.
कटाई के बाद टुकड़ों की नालियों में रोपाई की जाती?है, फिर ऊपर से खाद का बुरकाव
किया जाता है. इस के बाद इन नालियों को गिरा कर पाटा लगाया जाता है. इस मशीन से बोआई करने में लागत व मेहनत दोनों ज्यादा लगती है. इस की कीमत 15-20 हजार रुपए है. Mechanized Farming





