ICAR News: कृषि क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए डॉ. श्रीनिवास राव को स्वामीनाथन पुरस्कार 18 अप्रैल, 2026 को हैदराबाद में एक विशेष समारोह में प्रदान किया जाएगा. भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR–IARI) के निदेशक और कुलपति डॉ. श्रीनिवास राव को 2024-25 के लिए यह पुरस्कार जलवायु परिवर्तन के अनुकूल खेती और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन में उनके व्यापक और महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा.

इस सम्मान से न केवल डॉ. श्रीनिवास राव की उपलब्धियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलेगी, बल्कि यह भारत में कृषि अनुसंधान और जलवायु परिवर्तन के अलावा आधुनिक खेती के मॉडल को भी बढ़ावा देगा.

स्वामीनाथन के बारे में उनकी ये उपलब्धियां जानना भी है जरूरी

एमएस स्वामीनाथन 7 अगस्त, 1925 को जन्मे थे और वे एक कृषि वैज्ञानिक, प्लांट जेनेटिस्ट और एडिमिनिस्ट्रेटर थे. उन्हें भारत में ‘हरित क्रांति के जनक’ के रूप में भी जाना जाता है. उन्होंने दुनिया भर के अलग-अलग विश्वविद्यालयों से 81 मानद डॉक्टरेट की उपाधियां प्राप्त की थीं. उन्होंने 1949 में आलू, गेहूं, चावल और जूट की जेनेटिक्स पर रिसर्च करके अपना कैरियर शुरू किया. उन्होंने धान की अधिक उपज देने वाली किस्मों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिससे भारत के कम आय वाले किसानों को अधिक उपज करने में मदद मिली.

यह पुरस्कार 2004-05 में स्थापित किया गया था. इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले वैज्ञानिकों की जीवनपर्यंत उपलब्धियों और उनके कार्यों से देश की खाद्य सुरक्षा में आए परिवर्तन को मान्यता देना है. इसी कड़ी में इस बार यह पुरस्कार डॉ. श्रीनिवास राव को मिलेगा. इस पुरस्कार में गोल्ड मेडल, प्रमाणपत्र और 2 लाख रुपए नकद राशि शामिल है.ICAR News

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