नई दिल्ली: भारतीय उर्वरक क्षेत्र ने हमारे 14 करोड़ किसान परिवारों को समय पर उर्वरक प्रदान कर के कृषि संबंधी सेवाएं दे कर और एक मजबूत शक्ति के रूप में उभर कर सहायता प्रदान करने के दोहरे उद्देश्यों को प्राप्त किया है. इस प्रकार भारतीय उर्वरक क्षेत्र वैश्विक बाजार को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

यह बात केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. मनसुख मांडविया ने नई दिल्ली में भारतीय उर्वरक संघ के 59वें वार्षिक सेमिनार 2023 के उद्घाटन भाषण के दौरान कही. संगोष्ठी का विषय ‘‘उर्वरक और कृषि क्षेत्रों में नवाचार‘‘ था. उन्होंने उर्वरक क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा किए गए प्रयासों पर प्रकाश डाला.

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डा. मनसुख मांडविया ने कहा, “सरकार छोटे और सीमांत किसानों के लिए अपनी सहायता बढ़ा रही है, उन के कल्याण को प्राथमिकता दे रही है और इस तरह देश के खाद्य सुरक्षा लक्ष्यों को पूरा कर रही है.

भारत सरकार ने पिछले 2-3 वर्षों के दौरान, वैश्विक स्तर पर वस्तुओं की ऊंची कीमतों के प्रभाव को हावी नहीं होने दिया है और स्थिर अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की है. इस के परिणामस्वरूप वैश्विक स्तर पर खपत में गिरावट की तुलना में इन वर्षों के दौरान उर्वरक की खपत स्थिर रही और रिकौर्ड कृषि उत्पादन हुआ.

उन्होंने आगे यह भी कहा कि घरेलू उत्पादन को मजबूत करने और लीकेज और डायवर्जन को रोकने के लिए सरकार द्वारा कई सक्रिय उपाय किए गए हैं, जिन के संयुक्त प्रयासों से रिकौर्ड उत्पादकता प्राप्त हुई है.

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