Inter Cropping. किसानों को अच्छा उत्पादन प्राप्त करने के लिए कृषि की नवीनतम तकनीकों का समावेश कर गन्ने के उत्पादन को बढ़ाना होगा. इसके लिए किसान गन्ने की खेती के साथ सहफसली खेती के रूप में गेहूं, सरसों, मूंग और उड़द की खेती करनी चाहिए, जिससे किसानों का उत्पादन बढ़ेगा और उनकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हो सकेगी. विगत दिनों सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने यह बात कही.
ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश के मेरठ और उसके आसपास के क्षेत्र में बड़ी मात्रा में गन्ना उगाया जाता है. इसी संदर्भ में उन्होंने बताया कि वह सरकार द्वारा सहफसली खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को फसलों की मिनीकिट में उन्नत किस्म के बीज दिए जा रहे हैं.
किसान करें हरी खाद तैयार
कृषि मंत्री ने कहा कि कृषकों के हितों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा कई कार्यक्रम लाए गए हैं, जिनका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है.
मई और जून महीने में किसान अपने खेतों में हरी खाद तैयार करने के लिए ढेंचा लगाएं, जिससे भूमि की उर्वराशक्ति में सुधार होगा और आगामी फसल के लिए प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन खाद प्राप्त हो सकेगी.
सहफसली खेती है अधिक लाभकारी
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का कहना है कि मल्टी क्रॉप प्रोडक्शन से खाद्य सुरक्षा को अधिक मजबूत और बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि हमें देश को आत्मनिर्भर बनाना है. हमें दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा कि अब गन्ने के साथ पश्चिम उत्तर प्रदेश में मूंगफली की सहफसली खेती भी प्रारंभ की गई है, जिससे किसानों को काफी लाभ होगा.
खेत बचाओ अभियान
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि देश-भर में 1 जून से 30 जून तक ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाया जा रहा है. इसमें वैज्ञानिकों तथा कृषि अधिकारियों द्वारा किसानों के खेतों पर जाकर उनको ‘खेत बचाओ अभियान’ की जानकारी के तहत खेती से कम खर्च में अच्छी आय कैसे अर्जित की जा सकती है.
प्रदेश में महिला सशक्तीकरण
इस मौके पर सूर्य प्रताप शाही ने विगत वर्षों में कृषि विश्वविद्यालय में शुरू की गई विविध परियोजनाओं और योजनाओं के बारे में भी विस्तार से चर्चा की और जानकारी ली. उन्होंने कहा कि विशेष अभियान चलाकर महिलाओं की सशक्तीकरण पर कार्य किया जा रहा है, जिसका लाभ पश्चिमी उत्तर प्रदेश की महिला कृषकों के अलावा प्रदेश के अन्य लोगों को भी प्राप्त हो रहा है.
जून महीने में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खेती को कम खर्च में कैसे लाभकारी बनाया जाए, सहफसली खेती कैसे है लाभकारी, रासायनिक खेती से हटकर प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को कैसे अपनाया जाए और महिला किसानों को मजबूती देने के लिए क्या योजनाएं हैं… इस तरह की तमाम जानकारी कृषि मंत्री की मौजूदगी में दी गई. Inter Cropping





