Digital Krishi Branding : किसानों को आधुनिक बाजार व्यवस्था से जोड़ने और उनकी आय में वृद्धि के उद्देश्य से ‘डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कृषि ब्रांडिंग और मार्केटिंग’ (Digital Krishi Branding) विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), बस्ती के सभागार में किया गया. इस कार्यक्रम का आयोजन विश्व युवक केंद्र, बस्ती द्वारा किया गया, जबकि युवा विकास समिति ने सह-आयोजक की भूमिका निभाई.

कौन हुए शामिल

सेमिनार (Digital Krishi Branding) में पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से आए करीब 250 किसान, एफपीओ प्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ और युवा उद्यमियों ने सहभागिता की. कार्यक्रम का उद्देश्य किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को डिजिटल तकनीकों के माध्यम से ब्रांडिंग, मार्केटिंग और ई-कॉमर्स से जोड़ना रहा.

विश्व युवक केंद्र के सीईओ ने क्या कहा

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्व युवक केंद्र के सीईओ उदय शंकर सिंह ने कहा कि डिजिटल तकनीक किसानों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलती है. उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए किसान अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकते हैं, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा.
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे डिजिटल कृषि नवाचार को अपनाकर कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करें. सरकार भी डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है.

अतिथियों ने भी किया संबोधित

बृहस्पति कुमार पांडेय ने कहा कि आज खेती के साथ-साथ मार्केटिंग की समझ होना अत्यंत आवश्यक है. डिजिटल ब्रांडिंग के माध्यम से किसान अपने उत्पादों की गुणवत्ता और पहचान स्थापित कर सकते हैं, जिससे आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है.

कर्नल के. सी. मिश्र ने कहा कि एफपीओ किसानों को संगठित कर बाजार में मजबूत भूमिका निभाते हैं. डिजिटल माध्यम अपनाने से पारदर्शिता बढ़ती है और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलता है.

कृषि विज्ञान केंद्र बस्ती के प्रभारी अधिकारी डॉ. पी. के. मिश्र ने कहा कि केवीके किसानों को नवीन तकनीकों और नवाचारों से जोड़ने के लिए सतत प्रयास कर रहा है. डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से खेती को एक आधुनिक और लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है.

Digital Krishi Branding

किसानों को डिजिटल तकनीकों की दी जानकारी

कार्यक्रम में डिजिटल एक्सपर्ट एवं कार्यक्रम अधिकारी आनंद कुमार ने किसानों को डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया प्रचार, ई-मार्केटप्लेस, ऑनलाइन ब्रांड निर्माण, पैकेजिंग और लेबलिंग की व्यावहारिक जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सही डिजिटल रणनीति अपनाकर एफपीओ अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचा सकते हैं.

इस अवसर पर भानु प्रकाश राणा, मंगला प्रसाद मौर्य, राघवेंद्र विक्रम सिंह, डॉ. प्रेम शंकर सहित अन्य विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे और किसानों को नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया.

किसानों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में खेती की विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट नवाचार करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया. सम्मान पाने वालों में प्रिंस यादव, अरविंद कुमार सिंह, राम पूरन चौधरी, हरि ओम मिश्र, डॉ. विनोद बहादुर सिंह, डॉ. अंजलि वर्मा, अहमद अली, राजेंद्र सिंह सहित पूर्वांचल के करीब 150 किसान शामिल रहे.

यह सेमिनार किसानों में डिजिटल कृषि ब्रांडिंग और मार्केटिंग को लेकर नई जागरूकता पैदा करने में सफल रहा और उन्हें आत्मनिर्भर व बाजारोन्मुखी बनने की दिशा में प्रेरित किया.

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